मंगलवार, 9 दिसंबर 2025

आकोदा में मकर संक्रांति क्रिकेट महाकुंभ की तैयारियां शुरू, विजेता टीम को मिलेगा 1.71 लाख रुपए का इनाम

 

महेन्द्र गढ़

गांव आकोदा में मकर संक्रांति के उपलक्ष में हर वर्ष बाबा धाम पर लगने वाले विशाल मेले के साथ-साथ बाबा साध खेल स्टेडियम में आयोजित होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार को कमेटी सदस्य बाबा साध खेल मैदान में एकत्र हुए और इस वर्ष होने वाले क्रिकेट महाकुंभ का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया। बैठक में सभी सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

कमेटी सदस्यों ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ 2 जनवरी को होगा जबकि फाइनल मुकाबला 13 जनवरी को बाबा साध खेल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस बार प्रतियोगिता में विजेता टीम के लिए 1,71,000 रुपए, जबकि उपविजेता टीम के लिए 1,11,000 रुपए का नगद इनाम रखा गया है।

इसके अलावा मैन ऑफ द सीरीज खिलाड़ी को एक इलेक्ट्रिक स्कूटी देने की घोषणा की गई है। फाइनल मैच में मैन ऑफ द मैच को 11,000 रुपए, जबकि सेमीफाइनल में जीतने वाली टीमों के मैन ऑफ द मैच को 5,100 और 5,100 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु 7,100 रुपए एंट्री फीस निर्धारित की गई है और पूरी प्रतियोगिता में गेंद बाल समिति द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में सरपंच प्रतिनिधि नरेश कुमार, बाबा साध सेवा समिति के प्रधान नरेश ठेकेदार, सुधीर उर्फ बिट्टू फौजी, प्रवक्ता नवीन कुमार, प्रवक्ता विक्रम, महेंद्र सिंह ढाणी, अनिल हरियाणवी, महेंद्र उर्फ माही, संजय, गजराज, पंच विनय ठेकेदार सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

सोमवार, 17 नवंबर 2025

नवजीवन अस्पताल मानवता की सेवा का एक सशक्त माध्यम बनेगा_ टांकेश्वर कुमार

महेंद्रगढ़

नवजीवन अस्पताल महेंद्रगढ़ मानवता की सेवा का एक सशक्त माध्यम बनेगा।इस बच्चों की सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के उद्घाटन से हमारे समाज को स्वस्थ, मजबूत और उज्जवल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मिला है।जहां बचपन स्वस्थ होगा, वहीं समाज का भविष्य निखरेगा। उक्त विचार हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रोफेसर टांकेश्वर कुमार ने नवजीवन अस्पताल के उद्घाटन समारोह पर बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये।

विशिष्ट अतिथि सवेरा स्वयंसेवी संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मनोज गौतम ने कहा कि नवजीवन अस्पताल हमारे बच्चों के लिए नई उम्मीदों का घर है।समाज के उत्थान के लिए स्वास्थ्य ही पहला कदम है और यह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल इसे साकार करने का सशक्त माध्यम है।बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलना समाज के विकास और प्रगति का परिचायक है।स्वस्थ बच्चों का निर्माण ही समाज के उज्जवल कल की नींव है, इस हॉस्पिटल से यह सपना साकार होगा।इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर सोनू कुमार यादव प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ और डॉक्टर मनीषा यादव सुप्रसिद्ध महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने बताया कि इस अस्पताल के माध्यम से हम न केवल बीमार बच्चों को इलाज देंगे, बल्कि पूरे समाज को सशक्त और सक्षम बनाएंगे।चिकित्सा सेवा की यह नयी ऊँचाई हमारे समाज के कल्याण और समृद्धि की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर कार्यक्रम का मंच संचालन सवेरा स्वयंसेवी संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मनोज गौतम ने किया। 

कार्यक्रम में बसई के पूर्व सरपंच अध्यक्ष डालू सिंह, पूर्व सरपंच रोहतास सिंह,पूर्व सरपंच हरिओम,मास्टर ताराचंद, डॉक्टर मेजर सूरत सिंह, डॉ प्रदीप यादव,नगर परिषद रेवाड़ी के चेयरमैन हरिंदर यादव,नगर पालिका अटेली के चेयरमैन भुवनेश गुप्ता, मार्केट कमेटी अटेली  के चेयरमैन दिनेश जैलदार, मार्केट कमेटी अटेली के वाइस चेयरमैन राधेश्याम गोयल, प्राचार्य लक्ष्मण सिंह,नरेश ठेकेदार,यादव सभा के प्रधान अभय सिंह यादव,हुक्का चौक प्रधान दिनेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि भगत सिंह,डॉ नरेश सिंह खुडाना,मास्टर कृष्ण कुमार,चाप सिंह,मंजीत डाबला समाज के गणमान्य एवं इलाके से काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

बुधवार, 5 नवंबर 2025

बसई में बाबा बजरंगबली का 63वां मेला धूमधाम से संपन्न, खेल प्रतियोगिताओं में दिखा जोश

 

महेंद्रगढ़

गांव बसई में बाबा बजरंगबली का 63वां वार्षिक मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। दो दिवसीय इस मेले में खेल प्रतियोगिताओं, धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। मंदिर कमेटी प्रधान गोविंद शर्मा ने बताया कि यह मेला सन 1963 में शुरू हुआ था। इसके संस्थापक डॉ. कमल सिंह खेड़ी सनसनवाल थे, जो उस समय गांव बसई में पशु चिकित्सक के रूप में कार्यरत थे। अब 95 वर्ष की आयु में भी डॉ. कमल सिंह हर वर्ष इस मेले में शामिल होते हैं। इस बार स्वास्थ्य ठीक न होने के बावजूद वे विशेष साधन से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार हुआ।


मेले के पहले दिन खेलों का शुभारंभ डॉ. बृजपाल सिंह चौहान ने किया, जबकि दूसरे दिन जिला पार्षद पूनम देवी ने प्रतियोगिताओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ. बृजपाल सिंह ने मंदिर कमेटी को 11,000 रुपए की राशि भेंट की, वहीं पूनम देवी ने 21,000 रुपए का आर्थिक सहयोग दिया। उन्होंने घोषणा की कि खेल मैदान में पार्षद कोटे से 11 लाख रुपए की लागत से विकास कार्य शीघ्र करवाया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजपा युवा अध्यक्ष राकेश तंवर ने की, जबकि पारितोषिक वितरण का कार्य पर्यावरण विभाग के अधिकारी हरीश शर्मा द्वारा किया गया। मेले में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने मेले में जमकर खरीदारी की, वहीं बच्चों ने खिलौनों और झूलों का आनंद लिया। दुकानों पर देर शाम तक रौनक बनी रही। मेले का मुख्य आकर्षण लड़कियों की कबड्डी प्रतियोगिता रही, जिसमें संस्कार भारती स्कूल पाली की टीम ने शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। पानीपत कलवाला की टीम दूसरे स्थान पर रही।

विशेष रूप मेले में पहुंचे डॉ कमल सिंह


खेल प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे:

100 मीटर दौड़ में जॉनी (दुधवा) प्रथम, हितेश (माधोगढ़) द्वितीय, हिमांशु (ओजस स्पोर्ट्स अकादमी) तृतीय रहे। 1500 मीटर दौड़ में मोहन सांगवान (आदमपुर) प्रथम, आजाद (बसई) द्वितीय, पवन (आदमपुर) तृतीय रहे। महिलाओं की 100 मीटर मटका दौड़ में प्रमिला (बाढ़ डालनेवास) प्रथम व संतोष द्वितीय स्थान पर रहीं। 400 मीटर महिलाओं की दौड़ में भारती (भिवानी) ने प्रथम, रवीना (दिनोद) ने द्वितीय, और दिव्या (दिनोद) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बुजुर्गों की 100 मीटर दौड़ में गिरधारी (बस पहाड़ी) प्रथम, मनोहर (वी पहाड़ी) द्वितीय तथा रोशन लाल (कनीना) तृतीय रहे।


कार्यक्रम में मंदिर कमेटी प्रधान मास्टर गोविंद शर्मा, दिलीप सिंह शेखावत, ओम प्रकाश, वीबीएन स्कूल के प्राचार्य लक्ष्मण सिंह, जनता स्कूल अध्यक्ष महेंद्र सिंह, प्रवक्ता पवन अहरोदिया , किशन सिंह,सतीश (हरियाणा पुलिस), पूर्व सरपंच हरिओम सिंह, मार्केट कमेटी पूर्व अध्यक्ष डालू सिंह, सरपंच प्रतिनिधि भगत सिंह, इनेलो प्रेस प्रवक्ता लाल सिंह घाटी, मुकेश सोनी, मास्टर सतबीर सिंह, पूर्व सरपंच सुरेश, कालू सिंह, डॉ. कमल सिंह, मास्टर रमेश खींची, राजू कोच, जितेंद्र कोच व रमेश साहब सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


हरियाली संग बंधे पवित्र रिश्ते — बसई गांव में बिना दहेज की अनोखी शादी बनी मिसाल -नीरज व ट्विंकल ने पांच पौधे लगाकर दिया नई सोच को जन्म

 

महेंद्रगढ़ 

क्षेत्र के गांव बसई में एक ऐसी अनोखी शादी हुई जिसने पूरे इलाके में नई मिसाल कायम कर दी। यहां सेवानिवृत्त सूबेदार श्रीराम यादव की पोती और पूर्व कमांडो नरेंद्र यादव, सदस्य आदर्श युवा मंच बसई की पुत्री ट्विंकल का विवाह गांव जोनावास निवासी नीरज पुत्र रामबीर यादव के साथ हुआ। इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता रही कि वर पक्ष ने दहेज लेने से साफ इनकार करते हुए दहेज के स्थान पर केवल पाँच पौधे लगाने का आग्रह किया।

लड़के के दादा नित्यानंद यादव, जो जोनावास गांव के पूर्व सरपंच रह चुके हैं, ने कहा कि यह विवाह समाज को प्रेरणा देने वाला है। विवाह स्थल पर वर-वधू ने स्वयं अपने हाथों से पाँच पौधे लगाए और यह संकल्प लिया कि हर वर्ष अपनी वैवाहिक वर्षगांठ पर नए पौधे लगाकर उनका पालन-पोषण करेंगे।


ब्राह्मण सभा के कॉलेजियम सदस्य एवं आदर्श युवा मंच के कोषाध्यक्ष समाजसेवी राजकुमार शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं, और इन्हें लगाकर यह परिवार न केवल पर्यावरण की रक्षा कर रहा है, बल्कि समाज को सादगी और जागरूकता का संदेश भी दे रहा है।”

सवेरा स्वयंसेवी संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मनोज गौतम ने कहा कि “जहाँ दहेज नहीं, वहाँ सच्चा स्नेह है और जहाँ पेड़ लगते हैं, वहाँ जीवन गूँजता है।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस दहेज-मुक्त पहल को आगे बढ़ाएँ और इसे एक आंदोलन का रूप दें।

भाजपा युवा नेता एवं विधायक पुत्र राहुल यादव ने इस शादी को “पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुधार का सुंदर संगम” बताते हुए नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि यह विवाह सादगी, संस्कार और प्रेरणा का प्रतीक है।

विवाह समारोह में पूर्व चेयरमैन डालू सिंह, सेवानिवृत्त प्राचार्य विष्णु जोशी, जनता स्कूल बसई के प्राचार्य महेंद्र सिंह यादव, पूर्व पंच सूबे सिंह यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति व ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को समाज के लिए एक नई दिशा बताया।

इस दहेज-मुक्त विवाह ने यह साबित कर दिया कि “हमने दहेज नहीं, पाँच पेड़ लगाए हर रिश्ते को हरियाली से सजाए।” यह शादी न केवल एक पारिवारिक आयोजन रही, बल्कि समाज में यह संदेश भी छोड़ गई कि पेड़ लगाना सबसे बड़ा दान है और दहेज सबसे बड़ी बुराई।

सोमवार, 3 नवंबर 2025

ज्ञानकोष-ए ग्लोबल स्कूल में हुआ रक्तदान शिविर, समाजसेवा की बनी मिसाल रक्तदान जीवनदान है, इसे अपनी आदत बनाएं — डॉ. आकाश गोयल

 

महेन्द्र गढ़

आज के युग में रक्तदान को सबसे बड़ा मानवीय कार्य माना जाता है क्योंकि यह किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति को नई ज़िंदगी देने का माध्यम बनता है। इसी भावना को साकार करते हुए ज्ञानकोष-ए ग्लोबल स्कूल, खरखड़ा आकोदा में सोमवार को एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मानवता की सच्ची मिसाल पेश की।

शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. आकाश गोयल और कार्यक्रम की अध्यक्षता आकोदा पेक्स के चेयरमैन नरेश गुप्ता के करकमलों द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. आकाश गोयल ने कहा कि “रक्तदान एक ऐसा पुण्य कार्य है जो किसी को जीवन की नई आशा देता है। हर स्वस्थ व्यक्ति को समाज के प्रति अपने दायित्व के रूप में नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि रक्तदान से किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं आती बल्कि शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष नरेश गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के मानवीय कार्यों से विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और जिम्मेदारी की भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि जब युवा वर्ग ऐसे कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता है तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सहयोग की भावना मजबूत होती है। ज्ञानकोष-ए ग्लोबल स्कूल के सीईओ राकेश कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मानवता, करुणा और सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने सभी रक्तदाताओं और सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विद्यालय सदैव समाज सेवा के क्षेत्र में आगे रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में जोश और उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों और महिलाओं ने इस रक्तदान शिविर में भाग लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। विद्यालय के प्राचार्य रामनिवास ने कहा कि रक्तदान को “महादान” कहा गया है क्योंकि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि संस्था सभी रक्तदाताओं का तहे दिल से आभार व्यक्त करती है जिन्होंने इस पुण्य कार्य में स्वेच्छा से भाग लिया।

शिविर के सफल आयोजन में नर्सिंग ऑफिसर सुरभि, लैब टेक्नीशियन सुनील, मोहनलाल और अजय सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया ताकि रक्तदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रशासन ने सभी वॉलिंटियर्स, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग और समर्पण से ही यह रक्तदान शिविर सफल हो सका। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे आगे भी नियमित रूप से रक्तदान करेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे। शिविर ने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि जीवनदान है और यही भावना एक सशक्त, संवेदनशील व मानवतावादी समाज की नींव रखती है।

शुक्रवार, 5 सितंबर 2025

कोथल कलां के राहुल ने नेट-सीएसआईआर परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-3 हासिल कर क्षेत्र का नाम किया रोशन

 

महेंद्रगढ़

महेंद्रगढ़ जिला के गांव कोथल कलां निवासी राहुल पुत्र कैप्टन महावीर सिंह ने नेट-सीएसआईआर परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 3 हासिल कर पूरे क्षेत्र व जिले का नाम गौरवान्वित किया है। यह परिणाम वीरवार को घोषित किया गया, जिसके बाद से ही उनके घर-परिवार सहित पूरे इलाके में खुशी का माहौल बना हुआ है।

राहुल वर्तमान में केमिस्ट्री प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जून माह में नेट परीक्षा दी थी, जिसके नतीजे में उन्हें केमिकल साइंस विषय में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। राहुल की इस उपलब्धि पर उनके चाचा व हैफेड मैनेजर जगराम तथा कनीना मॉडल स्कूल के प्राचार्य सुनील खुडानिया ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात है।


राहुल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिजनों और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि यदि इंसान ठान ले तो कोई भी कार्य या परीक्षा असंभव नहीं होती। कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी आसानी से हासिल किया जा सकता है। राहुल की इस बात ने क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा का काम किया है।

इस उपलब्धि की खबर जैसे ही गांव व क्षेत्र में फैली, बधाई देने वालों का तांता लग गया। इस खुशी के मौके पर हैफेड मैनेजर जगराम, प्राचार्य सुनील खुडानिया, विजय कपिल, रघु सीहमा, प्रवक्ता सुरेश यादव आकोदा, पूर्व प्रवक्ता रोशन लाल,राजकुमार आदि कई समाजसेवी और शिक्षाविदों ने राहुल को बधाई दी। ग्रामीणों व समाजसेवी संस्थाओं ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राहुल की इस सफलता ने जहां उनके परिवार का मान बढ़ाया है, वहीं गांव कोथल कलां सहित पूरे महेंद्रगढ़ जिले का नाम भी रोशन किया है। उनकी उपलब्धि से युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बनी है।

बुधवार, 27 अगस्त 2025

आकोदा में जयप्रकाश उर्फ बिल्लू का असामयिक निधन, बाजार रहा बंद

 



महेंद्रगढ़

गांव आकोदा में बुधवार को लगभग 50 वर्षीय दुकानदार जयप्रकाश उर्फ बिल्लू का हृदय गति रुकने से असामयिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे कस्बे की मार्केट शोक में डूब गई और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।

जयप्रकाश उर्फ बिल्लू आकोदा में इलेक्ट्रिक की दुकान चलाते थे और अपने मिलनसार, हंसमुख एवं मददगार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे हर किसी से खुले मन से मिलते और हमेशा सहयोग के लिए तैयार रहते थे। 

सामाजिक गतिविधियों में भी वे बड़ी रुचि और समर्पण के साथ भागीदारी करते थे।उनका अचानक हुआ निधन गांव और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। वे अपने पीछे मां, भाई, एक शादीशुदा बेटी और एक बेटे को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार गांव आकोदा में ही किया गया, जिसमें भारी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के लोगों ने हिस्सा लिया। 

उपस्थित सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकग्रस्त परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

गुरुवार, 14 अगस्त 2025

खरकड़ा आकोदा में 5वां जन्माष्टमी महोत्सव 15 अगस्त को

महेंद्रगढ़ 

बाबा साध सेवा समिति (खरकड़ा) आकौदा में 5वां जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन शुक्रवार, 15 अगस्त को होगा। इस अवसर पर हवन प्रातः 7:15 बजे, खीर चूरमा के प्रसाद वितरण 10:15 बजे और जागरण रात्रि 10:15 बजे से शुरू होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उद्योग एवं वन पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह होंगे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व सीपीएस राव दान सिंह, सांसद चौ. धर्मबीर सिंह, विधायक महेंद्रगढ़ कंवर सिंह यादव, पूर्व मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा और पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह शामिल होंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रमुख डॉ. राकेश, पंचायत समिति चेयरमैन विजय लक्ष्मी, जिला पार्षद संतोष पीटीआई, जिला अध्यक्ष यतेन्द्र राव, योगेश शास्त्री, संदीप मालड़ा, पवन खेड़वाल, डॉ. मनीष यादव और भूषण सिंह यादव करेंगे।भजन पार्टी में विकास जांगड़ा, प्रियंका चौधरी व छेला-छेली अमित, पुनीत जांगिड़ एवं पार्टी अपने भजनों से भक्तिमय माहौल बनाएंगे। आयोजकों ने समस्त क्षेत्रवासियों से कार्यक्रम में सम्मिलित होकर धर्मलाभ लेने का अनुरोध किया है।

सोमवार, 4 अगस्त 2025

आकोदा में 6 अगस्त को बाबा साद धाम पर भव्य भंडारा, भजन-कीर्तन से गूंजेगा दरबार • -सावन द्वादशी पर आकोदा गांव में विशाल भंडारा, हजारों भक्तों के जुटने की संभावना

 

महेंद्रगढ़

हर साल की भांति इस वर्ष भी गांव आकोदा स्थित बाबा साध धाम बाग वाली समाध पर सावन महीने की शुक्ल पक्ष की द्वादशी के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन 6 अगस्त को संपन्न होगा, जिसमें क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

बाबा साध बाग वाली समाध के प्रधान एवं पूर्व सैनिक रामपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि बाबा साध धाम पर यह भंडारा कई वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि आपसी भाईचारे और सामूहिक सद्भाव का भी संदेश देता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्तों के लिए हवन, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का विशेष कार्यक्रम रखा गया है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7:15 बजे हवन के साथ होगी। हवन के बाद सुबह 9:30 बजे से प्रसाद वितरण का कार्य आरंभ किया जाएगा। दिनभर बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं के पहुंचने और आशीर्वाद लेने का सिलसिला जारी रहेगा।

भंडारे में बाबा की महिमा का गुणगान करने के लिए प्रसिद्ध दीपक चिड़िया मंडली को आमंत्रित किया गया है। इस मंडली के गायक कलाकार आरती शर्मा और रजनी शर्मा अपने भजनों और कीर्तन से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे। भजन-कीर्तन का कार्यक्रम दिनभर चलता रहेगा, जिसमें भक्तजन बाबा की महिमा का गुणगान सुनकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर सकेंगे।

इस अवसर पर गांव की समस्त कमेटी, ग्रामीण तथा ग्राम पंचायत आकोदा ने इलाके के सभी भक्तों और ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में बाबा साध धाम पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह पावन अवसर हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए खास होगा। बाबा के दरबार में आकर माथा टेकना, भजन-कीर्तन में भाग लेना और प्रसाद ग्रहण करना आत्मिक शांति प्रदान करेगा और भक्तों के जीवन को धन्य बनाएगा।

भंडारे में आसपास के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ग्राम पंचायत और आयोजन कमेटी ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उचित प्रबंध किए हैं, ताकि सभी भक्तजन सहजता और शांति से कार्यक्रम में भाग ले सकें।

आयोजन समिति ने कहा कि बाबा साद धाम पर हर साल आयोजित होने वाला यह भंडारा न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है बल्कि समाज में एकता और सद्भावना का संदेश भी देता है। समिति ने श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ बाबा के दरबार में पहुंचे और इस पावन अवसर का लाभ उठाएं।

आकोदा गांव के सबसे बुजुर्ग बहादुर सिंह का 97 वर्ष की आयु में निधन

 


महेंद्रगढ़

गांव आकोदा के 97 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति बहादुर सिंह का निधन हो गया। उनकी मृत्यु की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि बहादुर सिंह न केवल गांव के सबसे उम्रदराज व्यक्ति थे, बल्कि एक समाजसेवी और मिलनसार स्वभाव के धनी भी थे। 

गांव का कोई भी व्यक्ति जब किसी समस्या का समाधान या पुरानी घटनाओं की जानकारी के लिए उनके पास जाता था, तो बहादुर सिंह बड़ी ही सहजता से सही और सटीक जानकारी साझा करते थे। उनकी सरलता और मददगार स्वभाव के कारण वे गांव में बेहद सम्मानित माने जाते थे।अचानक हुए निधन से ग्रामीणों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। उनका अंतिम संस्कार गांव आकोदा में ही किया गया। इस दौरान क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तियों व ग्रामीणों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बहादुर सिंह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से गांव में एक युग का अंत माना जा रहा है।

रविवार, 3 अगस्त 2025

अनुसूचित जाति के लोगों को स्वरोजगार देने के लिए सावधि ऋण योजना व सूक्ष्म वित्त योजना शुरू इच्छुक उम्मीदवार 21 तक ऑनलाइन व कार्यालय में कर सकते हैं आवेदन सावधि ऋण योजना के तहत 2 लाख व सूक्ष्म वित्त योजना के तहत 1 लाख रुपए तक ले सकते हैं ऋण लैंडलाइन नंबर 01282-250253 पर संपर्क कर ले सकते हैं जानकारी



नारनौल,
हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की ओर से अनुसूचित जाति के लोगों को स्वरोजगार देने के लिए सावधि ऋण योजना व सूक्ष्म वित्त योजना शुरू की हैं। 
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ विवेक भारती ने बताया कि हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति के लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सावधि ऋण योजना व सूक्ष्म वित्त योजना शुरू कर एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने बताया कि सावधि ऋण योजना के तहत निगम द्वारा स्वरोजगार के लिए 2 लाख रुपए का ऋण 8 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर दिया जाएगा। यदि ऋण की किस्त समय पर नहीं भरी जाती है, तो 4 प्रतिशत की अतिरिक्त वार्षिक ब्याज दर लगेगी। इसी प्रकार सूक्ष्म वित्त योजना के तहत 1 लाख रुपए का ऋण 6.50 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर प्रदान किया जाएगा। समय पर किस्त का भुगतान न करने पर 4 प्रतिशत की अतिरिक्त वार्षिक ब्याज दर लगेगी।

योजना के लिए पात्रता व शर्तें 

इन योजनाओं के लिए आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी और अनुसूचित जाति से संबंधित होना चाहिए। आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार पहचान पत्र के अनुसार आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक ने पहले किसी बैंक या निगम से लिए गए ऋण का दुरुपयोग न किया हो और वह डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
इन योजनाओं में 50 हजार रुपए या परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) तक की सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा।
 
आवेदन कैसे करें

इच्छुक उम्मीदवार 21 अगस्त 2025 तक निगम की आधिकारिक वेबसाइट https://hscfdc.org.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आवेदक सिंघाना रोड केशव नगर गली नंबर 3 के मकान नंबर 2210 स्थित निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में अन्य किसी जानकारी के लिए कार्यालय के लैंडलाइन नंबर 01282-250253 पर संपर्क कर सकते हैं।

आवेदन के लिए दस्तावेज

आवेदन के लिए दो पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पहचान पत्र, पैन कार्ड, सत्यापित परिवार पहचान पत्र, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र शामिल हैं।

शनिवार, 2 अगस्त 2025

गांव खुडाना में ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर लगाया 13 फीट ऊंचा पीपल का पौधा

 

महेंद्रगढ़

गांव खुडाना में आज एक अनूठी पहल के तहत ग्राम पंचायत और समस्त ग्रामीणों ने मिलकर सार्वजनिक स्थल पर एक विशाल पीपल के पौधे का रोपण किया। यह पौधारोपण गांव के बस स्टैंड के पास सुबह लगभग 10:00 बजे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर किया गया। पूजा के बाद मिठाइयां बांटी गईं और समस्त उपस्थित ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए इस पहल का स्वागत किया।

जानकारी देते हुए सरपंच प्रतिनिधि डॉ. नरेश सिंह, पूर्व अध्यक्ष श्योराज सिंह, नंबरदार फतेह सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र कुमार, समाजसेवी ओमपाल सिंह ठेकेदार,मनजीत तंवर, गोविंद सिंह, ओमवीर पच, पूर्व सरपंच धन सिंह, मिंटू, कुल्लू, सुभाष, नरेश, संजय, नितेश, योगेश, किंग कोंग व विष्णु ठेकेदार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वृक्षारोपण हमारे जीवन का एक आवश्यक अंग है। उन्होंने विशेष रूप से पीपल वृक्ष के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह धार्मिक, आध्यात्मिक और औषधीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीपल के पत्ते, छाल, जड़ और फल सभी का प्रयोग विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों में किया जाता है। यह वृक्ष 24 घंटे ऑक्सीजन देने की क्षमता रखता है, जो मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।


ग्रामीणों ने बताया कि हर खुशी के अवसर पर एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भावी पीढ़ियों को स्वच्छ वायु और हरित वातावरण मिल सके। इस पहल को गांव के बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक समर्थन दिया।


गांव खुडाना में यह सामूहिक वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि सामाजिक एकजुटता और जागरूकता का भी प्रतीक है।

ज्ञानकोश ए ग्लोबल स्कूल में आयोजित अभिभावक-शिक्षक-विद्यार्थी मीटिंग, 511 अभिभावकों ने की सहभागिता

 

महेंद्रगढ़

आकोदा खुडाना स्थित ज्ञानकोश ए ग्लोबल स्कूल में अभिभावक-शिक्षक-विद्यार्थी मीटिंग (PTSM) का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कुल 511 अभिभावकों ने भाग लेकर बच्चों की शिक्षा और विकास के प्रति अपनी गहरी रुचि दिखाई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाना और उनके सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षक व अभिभावकों के बीच समन्वय स्थापित करना रहा।


विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार की मीटिंग्स विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि जब बच्चों को यह अनुभव होता है कि उनके शिक्षक और अभिभावक उनके प्रयासों पर नजर रखे हुए हैं, तो वे अपनी शिक्षा और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में और अधिक मनोयोग से भाग लेते हैं।

राकेश कुमार ने आगे कहा कि पीटीएसएम अभिभावकों को यह समझने में मदद करता है कि उनके बच्चे घर और स्कूल में किस प्रकार का व्यवहार करते हैं और किन परिस्थितियों में उन्हें किस प्रकार से प्रतिक्रिया देनी चाहिए। यह पहल बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार लाने में भी सहायक होती है।

विद्यालय के प्राचार्य रामनिवास यादव ने बताया कि यह बैठक केवल रिपोर्ट कार्ड देखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह एक सहयोगात्मक प्रयास होता है, जो बच्चे के सीखने के माहौल को और अधिक सकारात्मक बनाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि इस मीटिंग से अभिभावक और शिक्षक दोनों एक साझा लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हैं—बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा और अभिभावकों से सकारात्मक संवाद किया।

पाली का संस्कार भारती स्कूल कबड्डी में अव्वल, तीनों आयु वर्गों में प्रथम स्थान

 

महेंद्रगढ़ 

महेंद्रगढ़ के गांव निंबी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रही दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिता के दूसरे दिन पाली के संस्कार भारती स्कूल ने कबड्डी में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी आयु वर्गों में प्रथम स्थान हासिल किया। अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिताओं में स्कूल की तीनों टीमों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।


संस्कार भारती स्कूल, पाली के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप यादव ने बताया कि यह जीत स्कूल के खिलाड़ियों की मेहनत, कोचों की कुशल प्रशिक्षण प्रणाली और प्रबंधन के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने मैदान में अनुशासन और रणनीति का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया, जिससे स्कूल में हर्ष का माहौल है।

स्कूल के अध्यक्ष सुदेश यादव ने बताया कि संस्कार भारती स्कूल खेलों विशेष रूप से कबड्डी में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करता आ रहा है और यह उपलब्धि उसकी सशक्त खेल नीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि निंबी स्कूल में मिली जीत से स्पष्ट होता है कि स्कूल के खिलाड़ी किसी भी स्तर पर चुनौतियों का डटकर सामना कर सकते हैं।इस अवसर पर कोच अनूप सांगवान, सुनील जाट, अनूज सांगवान,गौतम मंडोला और संदीप रीधाना के योगदान की विशेष रूप से सराहना की गई। स्कूल प्रबंधन ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास जताया कि आने वाले समय में ये खिलाड़ी न केवल स्कूल बल्कि गांव व जिले का भी नाम रोशन करेंगे।

मंगलवार, 29 जुलाई 2025

गांव खुडाना मोड़ पर ‘दिल्लीपति महाराजा अनंगपाल तोमर चौक’ का भव्य उद्घाटन, ऐतिहासिक विरासत को मिली नई पहचान 29एमजीएच001 भास्कर न्यूज। आकोदा गांव खुडाना के मुख्य मोड़ पर ऐतिहासिक महत्व रखने वाले दिल्लीपति महाराजा अनंगपाल तोमर के नाम पर बनाए गए ‘महाराजा अनंगपाल तोमर चौक’ का मंगलवार को भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। यह कार्यक्रम क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर और तोमर वंश के महान शासक महाराजा अनंगपाल द्वितीय की याद में आयोजित किया गया, जिन्होंने दिल्ली की नींव रखी थी। दिल्ली के संस्थापक को समर्पित चौक गांव खुडाना के मुख्य मोड़, जो आकोदा से सतनाली और खुडाना से बास खुडाना जाने वाले मार्ग का प्रमुख जंक्शन है, को अब ‘दिल्लीपति महाराजा अनंगपाल तोमर चौक’ के नाम से जाना जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्य रूप से युवा समाजसेवी हैप्पी तंवर खुडाना और स्थानीय गणमान्य लोगों ने भाग लिया। हैप्पी तंवर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “महाराजा अनंगपाल तोमर हमारे पूर्वज थे। उन्होंने 11वीं शताब्दी में दिल्ली को बसाया और उसे ढिल्ली या ढिलीका नाम दिया। उनकी स्मृति में यह चौक स्थापित कर हम अपनी विरासत को सम्मान दे रहे हैं।” उन्होंने आगे बताया कि गांव खुडाना को ‘40सी’ कहा जाता है क्योंकि इस गांव से 40 अन्य गांवों की उत्पत्ति हुई है। इनमें खेडी तलवाना, निंबी, पाली, जाट, भुरजट, झगडोली, पाथेडा, चितलांग, भांडोर, कैमला, सिगड़ी राजपूत, पोता समेत उत्तर भारत और हरियाणा के कई गांव शामिल हैं। गांव खुडाना की स्थापना 1135 ईस्वी में इमरत सिंह ने की थी। भव्य शोभा यात्रा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ चौक का उद्घाटन करने से पहले सुबह एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और चारपहिया वाहन शामिल हुए। युवा और बुजुर्गों ने मिलकर महाराजा अनंगपाल तोमर की जयघोष के साथ यात्रा को भव्य रूप दिया। शोभा यात्रा के बाद सुबह 10:15 बजे औपचारिक रूप से चौक का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर दिनेश तंवर (बास खुडाना), बिजेंद्र खुडाना, डॉ. नरेश, मंजीत तंवर, देशराज पाली, हिमांशु आकोदा, मौजी पहलवान अशोक तंवर बास खुडाना, प्रमोद तंवर, महासिंह, मोटा पहलवान रोहित, अक्षय, आनंद, अजय समेत सैकड़ों युवा साथी और ग्रामीण मौजूद रहे। कौन थे महाराजा अनंगपाल तोमर? महाराजा अनंगपाल तोमर, जिन्हें अनंगपाल द्वितीय के नाम से भी जाना जाता है, 11वीं शताब्दी में दिल्ली के तोमर वंश के एक महान शासक थे। इतिहासकारों के अनुसार, वे तोमर वंश के 16वें और अंतिम शासक थे, जिनके बाद दिल्ली पर चौहानों ने शासन किया। अनंगपाल तोमर को दिल्ली के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने दिल्ली शहर को बसाने का श्रेय अपने नाम किया। उस समय इस क्षेत्र को "ढिल्ली" या "ढिलीका" कहा जाता था। दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहर में अनंगपाल का योगदान अनंगपाल तोमर का योगदान केवल दिल्ली बसाने तक सीमित नहीं था। उन्होंने कई ऐतिहासिक निर्माण कार्य करवाए, जिनमें शामिल हैं: • लालकोट किला: दिल्ली का सबसे पुराना किला, जिसे अनंगपाल तोमर ने बनवाया। • लौह स्तंभ की स्थापना: दिल्ली के महरौली में मौजूद लौह स्तंभ को वर्तमान स्थान पर स्थापित किया। यह स्तंभ मूल रूप से गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय का था। • अनंग ताल और अनंगपुर बांध: दिल्ली और हरियाणा क्षेत्र में पानी की आपूर्ति और सिंचाई के लिए इनका निर्माण करवाया। दिल्ली के नामकरण से जुड़ी प्रसिद्ध कथा एक लोकप्रिय कथा के अनुसार, अनंगपाल तोमर ने जब दिल्ली में लौह स्तंभ स्थापित किया, तो एक ब्राह्मण ने उनसे कहा कि यह स्तंभ वासुकी नाग के सिर पर टिका हुआ है और जब तक यह सीधा खड़ा रहेगा, उनका शासन अटूट रहेगा। राजा ने सत्यता परखने के लिए स्तंभ को खोदने का आदेश दिया। जब स्तंभ निकाला गया तो वह खून से सना हुआ निकला। राजा ने स्तंभ को पुनः गाड़ने का आदेश दिया, लेकिन वह पहले जैसा सीधा नहीं रह पाया और ढीला रह गया। इसी कारण इस क्षेत्र का नाम ‘ढिल्ली’ पड़ा, जो समय के साथ ‘दिल्ली’ बन गया। ऐतिहासिक धरोहर को सम्मान देने का प्रयास कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि महाराजा अनंगपाल तोमर जैसे महान शासकों की गाथा आज की पीढ़ी को बताना बेहद जरूरी है। हैप्पी तंवर ने कहा, “दिल्ली को बसाने वाले महाराजा अनंगपाल तोमर जैसे महापुरुषों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से यह चौक स्थापित किया गया है। आने वाले समय में इस चौक को और भी आकर्षक रूप दिया जाएगा, ताकि लोग यहां आकर हमारे इतिहास को जान सकें।” स्थानीय ग्रामीणों का भी मानना है कि इस तरह के प्रयासों से समाज में अपनी जड़ों के प्रति गर्व और सम्मान की भावना जागृत होती है। बुजुर्ग ग्रामीणों ने इसे गांव और पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। भविष्य में सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण की योजना युवाओं ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि महाराजा अनंगपाल तोमर और तोमर वंश की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के लिए भविष्य में और भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, इतिहास से जुड़ी स्मारक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा जाएगा। गांव खुडाना मोड़ पर ‘दिल्लीपति महाराजा अनंगपाल तोमर चौक’ का उद्घाटन केवल एक नामकरण नहीं है, बल्कि यह हमारी जड़ों से जुड़ने और अपने गौरवशाली इतिहास को याद करने का एक प्रयास है। महाराजा अनंगपाल तोमर की वीरता और दूरदर्शिता को सलाम करते हुए यह चौक आने वाली पीढ़ियों को उनकी महान गाथा याद दिलाता रहेगा।

 

महेंद्रगढ़

गांव खुडाना के मुख्य मोड़ पर ऐतिहासिक महत्व रखने वाले दिल्लीपति महाराजा अनंगपाल तोमर के नाम पर बनाए गए ‘महाराजा अनंगपाल तोमर चौक’ का मंगलवार को भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। यह कार्यक्रम क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर और तोमर वंश के महान शासक महाराजा अनंगपाल द्वितीय की याद में आयोजित किया गया, जिन्होंने दिल्ली की नींव रखी थी।

दिल्ली के संस्थापक को समर्पित चौक

गांव खुडाना के मुख्य मोड़, जो आकोदा से सतनाली और खुडाना से बास खुडाना जाने वाले मार्ग का प्रमुख जंक्शन है, को अब ‘दिल्लीपति महाराजा अनंगपाल तोमर चौक’ के नाम से जाना जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्य रूप से युवा समाजसेवी हैप्पी तंवर खुडाना और स्थानीय गणमान्य लोगों ने भाग लिया। हैप्पी तंवर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “महाराजा अनंगपाल तोमर हमारे पूर्वज थे। उन्होंने 11वीं शताब्दी में दिल्ली को बसाया और उसे ढिल्ली या ढिलीका नाम दिया। उनकी स्मृति में यह चौक स्थापित कर हम अपनी विरासत को सम्मान दे रहे हैं।”उन्होंने आगे बताया कि गांव खुडाना को ‘40सी’ कहा जाता है क्योंकि इस गांव से 40 अन्य गांवों की उत्पत्ति हुई है। इनमें खेडी तलवाना, निंबी, पाली, जाट, भुरजट, झगडोली, पाथेडा, चितलांग, भांडोर, कैमला, सिगड़ी राजपूत, पोता समेत उत्तर भारत और हरियाणा के कई गांव शामिल हैं। गांव खुडाना की स्थापना 1135 ईस्वी में इमरत सिंह ने की थी।


भव्य शोभा यात्रा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

चौक का उद्घाटन करने से पहले सुबह एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और चारपहिया वाहन शामिल हुए। युवा और बुजुर्गों ने मिलकर महाराजा अनंगपाल तोमर की जयघोष के साथ यात्रा को भव्य रूप दिया। शोभा यात्रा के बाद सुबह 10:15 बजे औपचारिक रूप से चौक का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर प्रधान दिनेश तंवर (बास खुडाना), बिजेंद्र खुडाना, सरपंच प्रतिनिधि डॉ. नरेश सिंह, युवा नेता मंजीत तंवर, सरपंच देशराज पाली, हिमांशु आकोदा, मौजी पहलवान, अशोक तंवर बास खुडाना, प्रमोद तंवर, महासिंह, मोटा पहलवान रोहित, अक्षय, आनंद, अजय समेत सैकड़ों युवा साथी और ग्रामीण मौजूद रहे।

कौन थे महाराजा अनंगपाल तोमर?

महाराजा अनंगपाल तोमर, जिन्हें अनंगपाल द्वितीय के नाम से भी जाना जाता है, 11वीं शताब्दी में दिल्ली के तोमर वंश के एक महान शासक थे। इतिहासकारों के अनुसार, वे तोमर वंश के 16वें और अंतिम शासक थे, जिनके बाद दिल्ली पर चौहानों ने शासन किया।अनंगपाल तोमर को दिल्ली के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने दिल्ली शहर को बसाने का श्रेय अपने नाम किया। उस समय इस क्षेत्र को "ढिल्ली" या "ढिलीका" कहा जाता था।

दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहर में अनंगपाल का योगदान

अनंगपाल तोमर का योगदान केवल दिल्ली बसाने तक सीमित नहीं था। उन्होंने कई ऐतिहासिक निर्माण कार्य करवाए, जिनमें शामिल हैं:

लालकोट किला: दिल्ली का सबसे पुराना किला, जिसे अनंगपाल तोमर ने बनवाया।

लौह स्तंभ की स्थापना: दिल्ली के महरौली में मौजूद लौह स्तंभ को वर्तमान स्थान पर स्थापित किया। यह स्तंभ मूल रूप से गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय का था।

अनंग ताल और अनंगपुर बांध: दिल्ली और हरियाणा क्षेत्र में पानी की आपूर्ति और सिंचाई के लिए इनका निर्माण करवाया।

दिल्ली के नामकरण से जुड़ी प्रसिद्ध कथा

एक लोकप्रिय कथा के अनुसार, अनंगपाल तोमर ने जब दिल्ली में लौह स्तंभ स्थापित किया, तो एक ब्राह्मण ने उनसे कहा कि यह स्तंभ वासुकी नाग के सिर पर टिका हुआ है और जब तक यह सीधा खड़ा रहेगा, उनका शासन अटूट रहेगा।

राजा ने सत्यता परखने के लिए स्तंभ को खोदने का आदेश दिया। जब स्तंभ निकाला गया तो वह खून से सना हुआ निकला। राजा ने स्तंभ को पुनः गाड़ने का आदेश दिया, लेकिन वह पहले जैसा सीधा नहीं रह पाया और ढीला रह गया। इसी कारण इस क्षेत्र का नाम ‘ढिल्ली’ पड़ा, जो समय के साथ ‘दिल्ली’ बन गया।

ऐतिहासिक धरोहर को सम्मान देने का प्रयास

कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि महाराजा अनंगपाल तोमर जैसे महान शासकों की गाथा आज की पीढ़ी को बताना बेहद जरूरी है। हैप्पी तंवर ने कहा, “दिल्ली को बसाने वाले महाराजा अनंगपाल तोमर जैसे महापुरुषों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से यह चौक स्थापित किया गया है। आने वाले समएय में इस चौक को और भी आकर्षक रूप दिया जाएगा, ताकि लोग यहां आकर हमारे इतिहास को जान सकें।”

स्थानीय ग्रामीणों का भी मानना है कि इस तरह के प्रयासों से समाज में अपनी जड़ों के प्रति गर्व और सम्मान की भावना जागृत होती है। बुजुर्ग ग्रामीणों ने इसे गांव और पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

भविष्य में सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण की योजना

युवाओं ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि महाराजा अनंगपाल तोमर और तोमर वंश की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के लिए भविष्य में और भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, इतिहास से जुड़ी स्मारक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा जाएगा।

 गांव खुडाना मोड़ पर ‘दिल्लीपति महाराजा अनंगपाल तोमर चौक’ का उद्घाटन केवल एक नामकरण नहीं है, बल्कि यह हमारी जड़ों से जुड़ने और अपने गौरवशाली इतिहास को याद करने का एक प्रयास है। महाराजा अनंगपाल तोमर की वीरता और दूरदर्शिता को सलाम करते हुए यह चौक आने वाली पीढ़ियों को उनकी महान गाथा याद दिलाता रहेगा।

मंगलवार, 22 जुलाई 2025

शिव मंदिर ढाणी आकोदा में विशाल भंडारा 24 जुलाई को

महेंद्रगढ़

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिव रात्रि पर्व पर शिव मंदिर ढाणी आकोदा में 24 जुलाई 2025 वार बृहस्पतिवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।

अतः शिव मंदिर कमेटी व समस्त ग्राम वासी ढाणी व आकोदा आप सभी भक्त जनो व धर्मप्रेमियों से निवेदन करता है  कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण करे

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रविवार, 20 जुलाई 2025

शरारती तत्वों ने ब्लॉक समिति की जिला उपाध्यक्ष का साइन बोर्ड उखाड़ा, पुलिस में दी शिकायत

 

महेंद्रगढ़

महेंद्रगढ़ ब्लॉक समिति की जिला उपाध्यक्ष शिवानी तंवर का साइन बोर्ड अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा उखाड़े जाने का मामला प्रकाश में आया है।

गांव आदलपुर निवासी रणधीर सिंह ने आकोदा पुलिस चौकी में दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी शिवानी तंवर महेंद्रगढ़ ब्लॉक समिति की जिला उपाध्यक्ष है। उनके निवास स्थान का एक साइन बोर्ड सरकार द्वारा मुख्य मार्ग पर लगाया गया था। यह साइन बोर्ड 18 जुलाई की रात्रि को कोई शरारती तत्व उखाड़ कर ले गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

खुडाना में युवाओं ने धूमधाम से मनाई अनंगपाल की जयंती -खुडाना मोड़ पर युवा लगाएंगे अनंगपाल तोमर का साइन बोर्ड

 

महेंद्रगढ़

गांव खुडॉना में रविवार को अनंगपाल तोमर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आकोदा से खुडाना जाते समय खुडाना मोड पर उनका एक साइन बोर्ड लगाने के लिए भी नींव रखी गई। इस विषय में जानकारी देते हुए युवा भाजपा नेता मनजीत सिंह तंवर ने बताया कि अनंगपाल तोमर जो कि दिल्ली के तोमर वंश के एक प्रमुख शासक थे उन्हें 11वीं शताब्दी में दिल्ली शहर की स्थापना और दिल्ली के विकास का श्रेय दिया जाता है। 

अनंगपाल तोमर जिन्होंने आठवीं से 12वीं शताब्दी तक दिल्ली और आसपास के क्षेत्र पर शासन किया था। अनंगपाल तोमर ने दिल्ली को एक महत्वपूर्ण शहर बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने लाल कोट जिसे किला राय पिथोरा भीं कहा जाता का निर्माण करवाया ओर एक झील का भी निर्माण करवाया था जो कि दिल्ली में पानी के स्रोत का मुख्य काम आती थी जो कि आज भी दिल्ली में मौजूद है और दिल्ली के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्तियों को माना जाता है। इसलिए आज हमारे गांव के बच्चे व गणमान्य व्यक्तियों ने खुडाना मोड पर अनंगपाल तोमर का एक साइन बोर्ड लगाने का कार्य शुरू किया है जो की जल्दी ही इसको पूरा कर दिया जाएगा इस मौके पर काफी लोगों ने इस कार्य के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया। इस अवसर पर  मनजीत सिंह तंवर, विजेंद्र सिंह तंवर, अशोक पंच, महासिंह पूर्व पंच, विजेंदर सिंह, प्रवीन तंवर, मोटा पहलवान, जजपा नेता हैप्पी तंवर, जम्मू तंवर मोनू, अक्षय, प्रमोद, रमेश, सुरेंद्र, कुल्लू, अजय, रोहित, अभिषेक, मोहित पंच अमित सभी क्षत्रिय बंधु उपस्थित रहे।

पाली में 21जुलाई को कार्यक्रम का आयोजन कर गांव में 5 हजार एक सौ पौधे लगाने का लक्ष्य किया जाएगा पूर्ण -अब तक टीम विभिन्न स्थानों पर लगा चुकी है 4850 पौधे

 

महेंद्रगढ़

गांव में ग्राम पंचायत पाली, संत बाबा जयरामदास फिजिकल एकेड़ी व बीजेआरी एक्स सर्विसमैन वेलफेर ग्रुप की तरफ से गांव को हरा भरा बनाने के लिए पौधारोपण अभियान शुरू किया हुआ है।

 जिसके तहत अब तक टीम के द्वारा गांव में विभिन्न स्थानों पर 4850 पौधे लगाए जा चुके है। वहीं 250 पेड़ लगाने अभी बाकी है जो 21 जुलाई को लगाए जाएंगे। जिसके उपलक्ष्य में 21 जुलाई को एसबीजेआरडी फिजिकल एकेडमी के प्रांगण में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें अतिथि के रूप में महंत स्वामी राजेन्द्र दास महाराज जटेला धाम, हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर टांकेश्वर कुमार, विधायक कंवर सिंह यादव, जिला अध्यक्ष यतेन्द्र राव, जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार, सुंडाराम ट्रस्ट मालड़ा के जिला मंत्री संदीप, एमबीए एचओडी डॉ. सुनीता, जिला मंत्री अर्चना ठाकुर, पूर्व जिला प्रमुख महेंद्रगढ़ सुरेन्द्र कौशिक, भाजपा जिला महामंत्री योगेश, पटवारी सुनील राजपूत, असिस्टेंट प्रोफेशर डॉ. जितेन्द्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

आकोदा के बसई रोड स्थित शिव मंदिर में भंडारा 22 जुलाई को

 

महेंद्रगढ़

गांव आकोदा के बसई रोड स्थित शिव मंदिर में 22 जुलाई को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। 

इस विषय में जानकारी देते हुए कमेटी सदस्यों ने बताया कि हर साल के भांति इस साल भी शिवरात्रि पर्व से एक दिन पहले शिव मंदिर में विशाल व शुद्ध देशी घी के भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस बार यह भंडारा 22 जुलाई मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। समस्त मंदिर कमेटी सदस्य, ग्राम पंचायत व ग्रामीणों ने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालु व धर्मप्रेमियों से मंदिर में पहुंचकर बाबा का आशीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया।

शनिवार, 19 जुलाई 2025

शिक्षा मनुष्य के जीवन का अनमोल उपहार और संस्कार जीवन का सार:- रामनिवास यादव

 

महेंद्रगढ़

दैनिक भास्कर द्वारा महेंद्रगढ में आयोजित शिक्षा और संस्कार नामक विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें महेंद्रगढ़ जिल के विभिन्न स्कूलों के चेयरमैन व प्राचार्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में समाप्त हो रहे संस्कारों पर मंथन किया गया। इस परिचर्चा में खरकड़ा स्थित ज्ञानकोष-ए ग्लोबल स्कूल के प्राचार्य रामनिवास यादव ने प्रतिनिधित्व किया और इस ज्वलंत मुद्दे पर अपने सुझाव व विचार सांझा किए। 

प्राचार्य रामनिवास यादव ने अपने विचार अनेक आए हुए अभिभावकगण व शिक्षाविद्दों से सांझा करते हुए बताया कि शिक्षा और संस्कार एक दूसरे से जुड़े है। शिक्षा मनुष्य के जीवन का अनमोल उपहार है और संस्कार जीवन का सार है। आज हम अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में दाखिला दिलाकर संतुष्ट हो जाते है, परन्तु ये हमारी लापरवाही है आज हमारे समाज में संयुक्त परिवार टूटकर एकाकी परिवार बन गए है, दूसरा बच्चों के हाथों में मोबाईल फोन का आना व तीसरा कारण माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय का आभाव जिस कारण से आज के बच्चे चिड़चिड़े, हिंसक, व पथभ्रष्ट हो रहे है। आज हम भारतीय संस्कृति को भूलकर पाश्चात्य संस्कृति की और अग्रसर हो रहे है। 

उन्होंने अभिभावकों व शिक्षकों को आह्वान किया कि माता-पिता घर पर कुछ संस्कार डाले जैसे:- सदा सत्य बोले, दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहे, माता-पिता, शिक्षक और बड़ों का सम्मान करे, ईश्वर पर विश्वास रखे, सहनशील बने, सबसे प्रेम पूर्वक व्यवहार करे तथा हर विद्यालय अपने स्तर पर ऐसे आयोजन करे जिससे बच्चों में अनुशासन, आत्मसंयत, उत्तरदायित्व, आाकारिता, विनयशीलता, सहानुभूति, सहयोग, प्रतिस्पर्धा आदि गुणों का विकास हो सके। उन्होंने सभी प्राचार्यों से बच्चों की काउंशिलिंग करने का भी सुझाव दिया। अंत में उन्होंने कहा कि बच्चें देश का भविष्य है, इन्हें कुशल नागरिक बनाना हम सब शिक्षाविदों का परम कर्त्तव्य है।

एससी कैटगरी के लिए 90 प्रतिशत सब्सिडी

महेंद्रगढ़

एससी कैटेगरी के ग्रामीणों के लिए पशुपालन विभाग ने एक नई स्कीम को लांच किया हुआ है। 

जानकारी देते हुए डॉ वेद सांगवान ने बताया कि एससी कैटेगरी के जो भी ग्रामीण महिला व पुरुष जिनकी उम्र 18 से 55 वर्ष है वे 15 बकरी व एक बकरा तथा 15 भेड़  एक मिंडा अगर खरीदते हैं तो उनको सरकार द्वारा 98000 रुपए का लोन प्रदान किया जाता है।इस लोन पर 90% सब्सिडी सरकार देती है तथा दूसरी स्कीम के तहत अगर कोई एससी केटेगरी की महिला या पुरुष अगर दो या तीन भैंसों का लोन लेता है तो उस पर भी 50% की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती है अधिक जानकारी या रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आकोदा क्षेत्र के ग्रामीण आकोदा के पशु अस्पताल जा कर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

रविवार, 15 जून 2025

बसई में ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि पर बांध की मिट्टी बेचने के लगाए आरोप -सरपंच प्रतिनिधि ने आरोपों को बताया निराधार -ग्रामीणों ने कहा, ठेकेदार बांध की मिट्टी काटकर डाल रहा है जोहड़ में

 गांव बसई में कई साल पहले डीआरडीए के तहत बनाए गए बांध को तोड़कर मिट्टी उठाने के मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण सुनील कुमार, रामवीर सिंह, अशोक कुमार, प्रधान विक्रम सिंह, अनूप शर्मा, जुगन सिंह, सोनू तंवर, बजरंग सिंह आदि ने बताया कि सरपंच द्वारा हमारे गांव की फिरनी का कार्य शुरू किया हुआ है। यह फिरनी गोगा के मंदिर से पीछे के होकर जाती है तो वहां पर एक सरकार द्वारा कई साल पहले पहाड़ से आने वाले बारिश के पानी को रोकने के लिए एक बांध बनाया गया था जिस पर काफी पैसा खर्च करके एक तिलानुमा बांध वहां पर बनाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब सरपंच इस बांध  की मिट्टी को ठेकेदार को बेचकर जोहड़ में डलवा रहा है ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जोहड़ में ठेकेदार द्वारा कार्य किया जा रहा है वह ठेकेदार का काम होता है कि ठेकदार मिट्टी कहा से और कैसे लाएगा। 

उन्होंने  सरपंच प्रतिनिधि पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा की सरपंच ने पैसे लेकर मिट्टी को ठेकेदार को बिक्री कर दिया है जिससे कि पुराना बांध भी डैमेज हो जाएगा और उसके ऊपर जो पेड़ पौधे लगे हुए हैं वह भी उखाड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने सरकार व संबंधित विभाग से मांग की है कि इसकी जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

इस बारे में जब सरपंच प्रतिनिधि भगत सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह जो मिट्टी टीला है यह फिरनी के रास्ते के बीच में आ रहा है और हमने इस फिरनी को बनाने के लिए यह टीला उठाना जरूरी था। उन्होंने बताया कि बांध नुमा टीलाभी गांव बसई का है और जहां पर हम यह मिट्टी डाल रहे हैं वह भी गांव बसई का जोहड़ है दोनों ही एक ही पंचायत के हैं तो वहां से उठाकर मिट्टी जोहड़ में डालने में कोई एतराज नहीं है। सरपंच प्रतिनिधि ने मिट्टी की बिक्री के आरोप को निराधार बताया।


इस बारे में जब विभाग के जेई रिंकू से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मिट्टी कहा से आ रही है इस बात की जानकारी मुझे नहीं है यह तो गांव के सरपंच का ही फर्ज बनता है कि वह कहां से मिट्टी उठवा कर कहा डलवाता है मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है।

आशु कवि पंडित गणपतराम की पुण्यतिथि पर 24 जून को गढ़ी में होगा लोककवि सम्मेलन और सांग का आयोजन

 

महेंद्रगढ़

पंडित गणपतराम लोक संस्कृति मंच गढ़ी एवं ग्राम वासियों की एक बैठक आशुकवि पंडित गणपतराम शर्मा स्मृति स्थल गढ़ी पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पंडित गणपतराम लोक संस्कृति मंच के अध्यक्ष महाशय रविदत मांडोला ने की। मंच के सचिव मनोज गौतम ने बताया कि यह बैठक आगामी 24 जून रात्रि में आशुकवि पंडित गणपत राम की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर विशाल लोककवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए की गई। बैठक में उपस्थित गढ़ी गांव के सरपंच कर्मवीर सैनी, पूर्व सरपंच ललित सिंह तंवर,मंच के कोषाध्यक्ष हनुमान गौतम,समाजसेवी महेंद्र सिंह एवं उपस्थित गणमान्य लोगों ने विचार विमर्श करके निर्णय लिया कि 24 जून को आशु कवि पंडित गणपत राम की 16वीं पुण्यतिथि को धूमधाम से मनाया जाए। 

हरियाणा राजस्थान के विभिन्न अखाड़ों से कवियों और सांगियों को आमंत्रित किया जाए। रविदत्त महाशय मांडोला ने कहा कि इस लोक कवि सम्मेलन में भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार करने वाले हरियाणा व राजस्थान के प्रसिद्ध लोक गायको को सम्मानित भी किया जाएगा। महाशय रविदत मांडोला ने बताया कि आशु कवि पंडित गणपत राम हरियाणा राजस्थान के ही नहीं बल्कि कई प्रदेशों में अपनी आशु कविता के लिए प्रसिद्ध रहे।उन्होंने ताउम्र भारतीय संस्कृति और संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए समाज को प्रेरित करने वाली कविताओं से लाभान्वित किया। विशेष कर हरियाणा और राजस्थान में उनकी कविताओं को काफी संख्या में लोग इकट्ठे होकर सुनते थे। आशु कवि पंडित गणपत राम के पास जैसी आशा लेकर लोग आते थे वैसी ही संगीतबद्ध तात्कालिक कविताएं सुनाते थे।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंगलवार 24 जून को आशुकवि पंडित गणपत राम स्मृति स्थल गढ़ी पर रात्रि 9:00 बजे विशाल लोक कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस विशाल लोग कवि सम्मेलन में हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली के सुप्रसिद्ध कवि, सॉन्गी एवं साहित्य प्रेमी मौजूद रहेंगे। सभी उपस्थित सदस्यों ने प्रसिद्ध सांगी द्वारा सांग करवाने का प्रस्ताव भी रखा जिसे सभी ने स्वीकार कर लिया। इस अवसर पर गांव गढ़ी के सरपंच कर्मवीर सैनी, पंडित गणपत राम लोक संस्कृति मंच के कोषाध्यक्ष हनुमान गौतम,सचिव मनोज गौतम, पूर्व सरपंच ललित सिंह तंवर, महाशय रविदत मांडोला,नवल सिंह, चौधरी बिजेंदर उर्फ लीलाराम, मनोज शर्मा,, मोहित पंच, कृष्ण सिंह, महेंद्र सिंह समाजसेवी, नरेंद्र सैनी,गजानंद सेन, दिलीप सिंह कालू,वीरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, दिनेश सिंह, नरेंद्र, महा सिंह तंवर, आशीष,अजय व अन्य ग्राम वासियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेवारियां दी गई।इस विशाल लोक कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में इलाके के राजनीतिक,धार्मिक एवं पंचायती राज के गणमान्य लोग अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे।


आकोदा निवासी चेतन प्रकाश बना असिस्टेंट कमांडेंट, परिवार में खुशी का माहौल

 

महेंद्रगढ़

आकोदा निवासी चेतन प्रकाश का असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयन होने से गांव व परिवार में खुशी का माहौल है। चेतन प्रकाश के पिता सेवानिवृत ऑर्डनरी कैप्टन धर्मपाल यादव ने बताया कि शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग की सीएपीएफ का परीणाम जारी किया गया है। जिसके उनके बेटे चेतन प्रकाश का चयन असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में हुआ है। उन्होंने बताया कि चेतन का बचपन से ही देश सेवा का जजबा रहा है।

उसने अपनी कक्षा 12वीं की पढ़ाई सैनिक स्कूल रेवाड़ी से की है। स्नातक की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है। उसके बाद सोशल मीडिया से दूरी बनाकर एक शांत महोल में दिल्ली रहकर अपने लक्ष्य की शरुआत की और आज सफलता हासिल करके अपने लक्ष्य को पा लिया है। चेतन प्रकाश ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी मां धनकौर देवी , माता -पिता और अपने परिवार के अन्य सदस्यों को दिया है। चेतन की इस सफलता पर ताऊ रणजीत सिंह, धर्मवीर सिंह सहित परिवार व गांव के अनय लोगों ने उसे बधाई दी।

आकोदा क्षेत्र के गांव आकोदा, बसई व गढ़ी की बेटियों ने नीट परीक्षा में प्राप्त की सफलता, परिवारों में खुशी का माहौल

 महेंद्रगढ़ 

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी नीट की परीक्षा परिणाम में आकोदा क्षेत्र से भी विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। जिसके बाद सभी चयनित विद्यार्थियों के परिवारों में खुशी का माहौल है। इस परीक्षा में आकोदा निवासी योगिता पुत्री विजयपाल ने 720 में से 543 अंक प्राप्त कर सफलता प्राप्त की है। 

योगिता की इस सफलता पर उनके पिता विजयपाल व माता सरोज देवी ने बताया कि नीट की परीक्षा को लेकर योगिता ने काफी मेहनत की है। जो आज परिणाम आने के बाद सफल हो गई है। उन्होने बताया कि योगिता का बचपन से ही डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का लक्ष्य रहा है। आज उसने नीट की परीक्षा को पास कर अपने एक कदम अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ा दिया है। अब जल्द ही वह डॉक्टर की अपनी पढ़ाई को पूर्ण करके समाज में अपनी सेवाए देगी। 


गढ़ी निवासी रिद्धि पुत्री विजय सिंह ने भी 720 में से 540 अंक प्राप्त कर इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। जिसके बाद से रिद्धि के परिवार में खुशी का माहौल है। रिद्धि ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को दिया है। रिद्धि ने कहा कि वह प्रारंभ से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। नीट की परीक्षा पास होने से उसका सपना भी अब जल्द ही पूरा हो जाएगा।



इसके अलावा गांव बसई से भी वर्षा पुत्री रणधीर सिंह ने नीट की परीक्षा पास कर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। वर्षा की इस सफलता के बाद से परिवार में खुशी का माहौल है।

खुडाना की बेटी ज्योतिका ने नीट की परीक्षा की उत्तीर्ण, परिवार में खुशी का माहौल

 

गांव खुडाना की बेटी ज्योतिका ने नीट 2025 में सफलता पाकर अपने परिवार गांव व इलाके का नाम रोशन किया है। इस विषय में जानकारी देते हुए ज्योतिका के पारिवारिक सदस्य एवं पूर्व प्रवक्ता प्रेम सिंह ने बताया कि ज्योतिका ने नीट 2025 की परीक्षा दी थी जिसमें उसकी अच्छी रैंक के साथ-साथ यह परीक्षा पास की है ज्योतिका ने अपने साथ-साथ परिवार गांव व इलाके का नाम भी रोशन किया है। 

प्रेम सिंह ने बताया कि ज्योतिका की बड़ी बहन डॉक्टर अनु जिसका 2021 में नीट की सफलता लेने पर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल में एमबीबीएस में चयन हुआ था जो अब अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रही है अभी लगातार उसकी छोटी बहन ने भी है भारत की बड़ी परीक्षाओं में से एक परीक्षा पास करके यह साबित कर दिया है की लड़कियां किसी से भी काम नहीं है ज्योतिका ने इस सफलता का श्रेय अपनी बड़ी बहन डॉक्टर अनु सहित माता-पिता वह समस्त परिवार को दिया। ज्योतिका के पिता मास्टर उदय सिंह व माता निधि ने बताया कि हमारी दोनों बेटियां बचपन से ही काफी होशियार थी डॉ नरेश सिंह ने बताया कि ज्योतिका के बाबा स्व. डॉ ताराचंद का अपनी पोतियों को डॉक्टर बनने का सपना था जो कि दोनों का साकार हो गया। उन्होंने बताया कि आज ज्योतिका की इस सफलता के बाद इलाके के गणमान्य व्यक्तियो सहित अनेक समाजसेवी संस्थाओं के बधाई देने के लिए फोन पर ताता लगा हुआ है ज्योतिका की इस सफलता की खुशी में खुडॉना निवासी लक्ष्मण सिंह, राजेंद्र सिंह, सरपंच प्रतिनिधि डॉक्टर नरेश सिंह, एडवोकेट मनोज सिंह, अग्रवाल समाज के पूर्व प्रधान नवीन मित्तल, मास्टर प्रदीप अकोदा, मास्टर संजय सिंह पोता सहित भारी संख्या में लोगों ने बेटी की सफलता पर बधाई दी।

गुरुवार, 24 अप्रैल 2025

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति के लिए विभिन्न स्थानों पर आयोजित की गई श्रद्धांजलि सभा -पहलगाम हमला निर्दोष नागरिकों के साथ-साथ शांति और मानवता पर भी हमला:- ठेकदार ओमपाल सिंह

 महेंद्रगढ़

आकोदा क्षेत्र में शुक्रवार को विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसी कड़ी में आकोदा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में पहलगाम में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का माैन रखा गया।

                       खुडाना में शौक सभा

इस दौरान शाखा प्रबंधक परमवीर ने कहा कि धर्म के आधार पर निर्दोष नागरिकों का संहार एक घोर निंदनीय और अमानवीय अपराध है, जिसकी निंदा करने के लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं। आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य सहानुभूति, संवेदना और करुणा जैसे गुणों को पूरे विश्व में फैलाना है। परंतु कुछ मानसिक रूप से विकृत लोगों द्वारा किया गया यह रक्तपात शांति के मिशन को रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि दुष्ट प्रवृत्तियाँ सदैव क्षणिक और नाशवान होती हैं, इसका प्रमाण हमें इतिहास से बार-बार मिलता है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि प्रगति की ओर अग्रसर यह विश्व अभी भी कुछ मानसिक विकृतियों के सुधार की आवश्यकता महसूस करता है। इस अवसर पर कैशियर संदीप कुमार, कैशियर नरेंद्र कुमार, आत्मानंद,मास्टर कुलदीप जावा, जोगिंदर बसई, मोहित सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

                        पीएनबी में श्रद्धांजलि देते

वहीं पाली स्थित संस्कार भारती महिला कॉलेज में भी शुक्रवार के श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की। मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप यादव ने आतंकी हमले को कायरतापूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला निर्दोष नागरिकों के साथ-साथ शांति और मानवता पर भी हमला है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई है। उन्होंने केन्द्र सरकार से दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है व भविष्य में इस प्रकार की घटना न दोहराई जा सके उसके लिए सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। 

                 संस्कार भारती स्कूल में स्टाफ सदस्य

वहीं उपमंडल के गांव खुडाना में भी शुक्रवार को पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोषों के लिए शोक सभा का आयोजन कर मृत्कों की आत्मिक शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की गई। इस दौरान समाजसेवी ओमपाल सिंह ठेकेदार, गोविंद सिंह, सुनील भगत, बिंटू, गोविंद आदि ने कहा कि केन्द्र सरकार को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। आतंकियों के द्वारा पहलगाम में निर्दोषों पर किया गया यह हमला निंदनीय है। जिनके खिलाफ सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए।

शनिवार, 5 अप्रैल 2025

आकोदा के रावमा विद्यालय को श्री दुलीचंद राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल बनाए जाने पर लोगों में खुशी -अब विद्यालय में मेडिकल की कक्षाएं भी शुरू, प्राचार्य ने अभिभावकों से अधिक से अधिक दाखिले करवाने के लिए किया प्रेरित

 

महेंद्रगढ़

आकोदा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को श्री दुलीचंद राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल बनाए जाने पर इलाके में खुशी का माहौल है। गांव आकोदा के श्री दुलीचंद राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में भी इलाके के बच्चे अब मेडिकल की पढ़ाई पढ़ सकेंगे, अब तक स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई नहीं होती थी। स्कूल प्राचार्य रामस्वरूप यादव ने बताया कि विद्यालय में इस बार से मेडिकल विषय की शुरूवात की गई है। क्षेत्र के बच्चों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए प्राइवेट स्कूलों में जाना पड़ता था। लेकिन अब आकोदा के श्री दुलीचंद राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में भी मेडिकल की कक्षाएं शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का स्टाफ काफी मेहनती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया है कि अधिक से अधिक बच्चों को मॉडल संस्कृति स्कूल आकोदा में दाखिला करवाये। उन्होंने बताया कि हमारे स्कूल में नए सत्र के लिए दाखिले शुरू हो गए हैं जिसकी शुरुआत हमने 1 अप्रैल 2025 को हवन यज्ञ तथा नए विद्यार्थियों को फूल मालाये पहनाकर उनका स्वागत किया और प्रवेश उत्सव का शुभारंभ किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 6 से 9 और 11 के प्रथम द्वितीय तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया। 


आपको बता दे कि गांव आकोदा आस-पास के करीब 15 गांवों का मुख्य केन्द्र है। जिसके चलते आकोदा के बस स्टैंड पर एक छोटी सी मार्केट भी बन गई है। जहां पर लोगों की जरूरत के अनुसार सामान उपलब्ध रहता है। ऐसे में अब सरकार के द्वारा गांव के सरकारी स्कूल को मॉडल संस्कृति स्कूल में बदलने का निर्णय लिया गया है। जिससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव का स्कूल काफी पूराना है जिसके चलते सरकार ने इस स्कूल को राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल बनाया है। ग्रामीणों ने सरकार के समस्त अधिकारी स्कूल प्रिंसिपल, खंड शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी सहित विभाग का धन्यवाद किया हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में इंग्लिस मीडियम स्कूल न होने व वर्तमान समय को अंग्रेजी माध्यम की मांग को देखते हुए वे अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए निजी विद्यालयों में भेजने के लिए मजबूर थे। लेकिन अब सरकार की तरफ से गांव में अंग्रेजी माध्यम का स्कूल खोलकर लोगों की समस्या का काफी हद तक समाधान कर दिया है। 

अभिभावकों ने बताया कि उन्हें मजबूरी वश अपने बच्चों की पढ़ाई पर भारी भरकम फीस अदा करनी पड़ रही है। इससे पहले महेंद्रगढ़ में ही मॉडल संस्कृति स्कूल था। जो जहां से करीब 18 किलोमीटर दूर है वहीं यातायात की कोई विशेष व्यवस्था न होने की वजह से माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल में भेजने में असमर्थ थे। लेकिन अब गांव के ही स्कूल के मॉडल संस्कृति स्कूल बना दिया गया है। जिससे उनके पैसे की बचत भी होगी व बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में अपनी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। जब इस विषय में राजकीय माध्यमिक विद्यालय आकोदा के प्राचार्य रामस्वरूप यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सत्र 2025-26 में इस स्कूल में मॉडल संस्कृति स्कूल जोकि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होगा। उसके दाखिले शुरू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि यह दाखिले छठी कक्षा के लेकर 12वीं कक्षा तक होंगे।सीटे सीमित है । उन्होंने बताया कि दाखिले पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होंगे