शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

बाबा साध धाम पर भंडारा में कीर्तन 24 को


 

आकोदा में मकान की फर्श की टाइलें अचानक चटखकर टूटने लगीं, मचा हड़कंप - सुबह करीब 7 बजे एक के बाद एक टूटने लगीं टाइलें, परिवार ने डायल 112 को दी सूचना; कारण स्पष्ट नहीं


 

गांव आकोदा में शुक्रवार सुबह एक मकान में उस समय हड़कंप मच गया, जब फर्श की टाइलें अचानक चट-चट की आवाज के साथ अपने आप टूटने लगीं। एक के बाद एक टाइलें टूटने से परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया, लेकिन टाइलों के अचानक टूटने का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका।


जानकारी के अनुसार आकोदा निवासी रामचरण यादव, जो मध्यप्रदेश पुलिस में अधिकारी रह चुके हैं, ने करीब पांच वर्ष पहले सरकारी स्कूल के सामने अपना मकान बनाया था। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे परिवार के लोगों ने मकान में फर्श की टाइलें चट-चट की आवाज के साथ टूटने की आवाज सुनी। जब उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो फर्श की काफी टाइलें अपने आप टूट रही थीं। अचानक टाइलें टूटने से परिवार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।



रामचरण यादव ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारी जेई नरेंद्र को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं बिजली के फॉल्ट के कारण तो यह घटना नहीं हुई।

जय नरेंद्र ने मौके का निरीक्षण करने के बाद बताया कि उन्हें प्रथम दृष्टया बिजली से संबंधित कोई फॉल्ट नजर नहीं आ रहा है। पुलिस अपनी कार्रवाई पूरी करने के बाद मौके से रवाना हो गई। समाचार लिखे जाने तक फर्श की टाइलें अचानक टूटने का सही कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। घटना के कारण मकान में रहने वाले परिवार के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

बुधवार, 19 अगस्त 2026

पांच दिन से पोस्ट ऑफिस के चक्कर, बायोमेट्रिक मशीन नहीं चली तो पेंशन को तरसे बुजुर्ग खुडाना-गढ़ी के 1000 से अधिक पेंशनधारी परेशान, 80 वर्षीय महिला पांचवीं बार पहुंची तो चक्कर खाकर गिरी; सरपंच बोले- बुजुर्गों को पीठ पर लादकर लाना पड़ रहा, वैकल्पिक व्यवस्था हो


 

गांव खुडाना स्थित पोस्ट ऑफिस में बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग पेंशन लेने वाले बुजुर्गों एवं जरूरतमंद लोगों को पिछले चार-पांच दिनों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बायोमेट्रिक मशीन नहीं चलने और नेटवर्क व सर्वर की समस्या के चलते पेंशन लेने पहुंच रहे लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी करीब 50 बुजुर्ग एवं पेंशनधारी सुबह से पोस्ट ऑफिस में मशीन चलने का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर करीब 3 बजे तक मशीन नहीं चल पाई।

जानकारी के अनुसार खुडाना पोस्ट ऑफिस में खुडाना और गढ़ी खुडाना के 1000 से अधिक बुजुर्ग, विधवा एवं दिव्यांग पेंशनधारी पेंशन लेने पहुंचते हैं। पिछले कई दिनों से बुजुर्ग सुबह करीब 9 बजे ही पोस्ट ऑफिस पहुंचना शुरू हो जाते हैं। घंटों इंतजार के बाद भी तकनीकी समस्या दूर नहीं होने पर उन्हें बिना पेंशन लिए वापस लौटना पड़ता है। कई बुजुर्ग लाठी के सहारे तो कई अपने बेटों और परिजनों के सहारे पोस्ट ऑफिस पहुंच रहे हैं।

पांच दिन से लगा रहे चक्कर

पेंशन लेने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले पांच दिनों से लगातार पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं। यहां पहुंचने पर कभी नेटवर्क तो कभी सर्वर की समस्या बताकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि उम्रदराज होने के कारण 6-7 किलोमीटर दूर से बार-बार पोस्ट ऑफिस तक आना उनके लिए बेहद मुश्किल है। इसके बावजूद उन्हें पेंशन के लिए कई दिनों से परेशान होना पड़ रहा है।

90 साल तक के बुजुर्ग भी परेशान

गढ़ी गांव के सरपंच कर्मवीर ने बताया कि उनके गांव के 400 से अधिक पेंशनधारी खुडाना पोस्ट ऑफिस से पेंशन लेते हैं। उन्होंने कहा कि एक बार की पेंशन लेने के लिए बुजुर्गों को चार-पांच बार तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बुजुर्ग करीब 90 वर्ष की उम्र के हैं। उन्हें कभी पीठ पर लादकर तो कभी वाहन में किराया देकर पोस्ट ऑफिस तक लाना पड़ता है, लेकिन यहां आने के बाद भी पेंशन नहीं मिलती।

सरपंच ने बताया कि शुक्रवार को गढ़ी निवासी ओमली पत्नी दयाचंद, जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है, पांचवीं बार पेंशन लेने पोस्ट ऑफिस पहुंची थीं। काफी देर इंतजार करने के दौरान वह चक्कर खाकर गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के साथ इस तरह की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

कर्मवीर ने कहा कि यदि सरकार गांव में पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा सकती तो कम से कम ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि बुजुर्गों को एक बार पोस्ट ऑफिस आने पर पेंशन अवश्य मिल जाए। उन्होंने बताया कि पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित कर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा, जिसमें गढ़ी गांव के पेंशनधारियों को पेंशन लेने के लिए दूसरे गांव में न जाना पड़े, इसके लिए व्यवस्था करने की मांग की जाएगी।

पूर्व बीडीसी सदस्य ने जताया रोष

मौके पर मौजूद पूर्व बीडीसी सदस्य संतरा देवी ने कहा कि बुजुर्गों को पांच-पांच दिन तक पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगवाना उनके साथ मजाक है। सरकार और संबंधित विभाग को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि तकनीकी खराबी के कारण बुजुर्गों को परेशान न होना पड़े। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर पेंशन का भुगतान करवाया जाना चाहिए।

7-8 किलोमीटर दूर से पहुंचते हैं पेंशनधारी

ग्रामीणों ने बताया कि खुडाना क्षेत्र काफी बड़े दायरे में फैला हुआ है और कई ढाणियां व आबादी पोस्ट ऑफिस से 7-8 किलोमीटर तक दूर हैं। ऐसे में दूर-दराज से बुजुर्गों का लगातार कई दिनों तक पोस्ट ऑफिस आना उनके लिए शारीरिक और आर्थिक परेशानी का कारण बन रहा है।

शिवकुमार ठेकेदार, महा सिंह नंबरदार, मुन्नी देवी, शांति देवी, राजू सिंह, बंसी प्रजापत, राजेंद्र सिंह, शीला देवी, संतोष देवी और रामनिवास सहित ग्रामीणों ने सरकार एवं विभाग से समस्या का जल्द समाधान करवाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बायोमेट्रिक मशीन या सर्वर में तकनीकी खराबी है तो समस्या ठीक होने तक वैकल्पिक अथवा मैनुअल व्यवस्था के माध्यम से पेंशन भुगतान किया जाना चाहिए।

पोस्टमास्टर बोले- हम भी परेशान, विभाग ही कर सकता है समाधान

इस संबंध में पोस्ट ऑफिस में मौजूद पोस्टमास्टर हरपाल ने बताया कि वे भी इस समस्या के कारण परेशान हैं। बुजुर्ग रोजाना पेंशन लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन मशीन नहीं चलने के कारण उन्हें पेंशन नहीं दी जा पा रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दोपहर करीब 3 बजे तक केवल एक व्यक्ति को ही पेंशन दी जा सकी। पोस्टमास्टर ने कहा कि मशीन और सर्वर चलना उनके हाथ में नहीं है। जैसे ही तकनीकी समस्या ठीक होगी, पेंशन का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समस्या का समाधान संबंधित विभाग द्वारा ही किया जा सकता है।

बाबा साध सेवा शिविर में हुई बैठक