शुक्रवार, 12 जून 2026

मार्शल आर्ट नेशनल चैम्पियनशिप में ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल का शानदार प्रदर्शन पांच स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

 शिमला में आयोजित थोड़ा स्पोर्ट्स एंड मार्शल आर्ट नेशनल चैम्पियनशिप-2026 में ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल, आकोदा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण तथा दो रजत पदक अपने नाम किए हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से विद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। प्रतियोगिता में शानदार सफलता हासिल करने के बाद खिलाड़ियों के विद्यालय लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार और प्राचार्य रामनिवास ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा अभिभावकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

प्राचार्य रामनिवास ने बताया कि 4 से 8 जून तक शिमला में आयोजित राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में विद्यालय के सात विद्यार्थियों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता में खुशहाल, मयंक, नितिन, अमन और कार्तिक ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, जबकि दीपांशु और हन्नी ने रजत पदक हासिल किए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की यह उपलब्धि विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की लगातार मेहनत, अनुशासन, समर्पण और खेल के प्रति उनकी लगन का महत्वपूर्ण योगदान है। खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कठिन अभ्यास किया, जिसका परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिला। उन्होंने प्रशिक्षक नीरज और नरेश के मार्गदर्शन की भी सराहना करते हुए कहा कि दोनों कोचों ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार ने खिलाड़ियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यालय के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कोच नीरज और नरेश सहित पूरी टीम का आभार जताया और कहा कि खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

राकेश कुमार ने विश्वास जताया कि यह सफलता आगे और बड़े मुकाम हासिल करने की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि अगस्त माह में भूटान में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी विद्यालय के खिलाड़ी भाग लेंगे और देश, प्रदेश तथा विद्यालय का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विद्यालय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग देता रहेगा। विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने भी खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

रविवार, 7 जून 2026

25 साल की सेवा के बाद मिली पदोन्नति, आकोदा में भावुक हुआ सम्मान समारोह जहां से शुरू हुआ सफर, वहीं से एसडीओ बने डॉ. वेद सांगवान; ग्रामीणों ने पगड़ी पहनाकर किया सम्मानित

 

राजकीय पशु अस्पताल आकोदा में शुक्रवार को उस समय भावुक माहौल बन गया जब पशुपालन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वेद सांगवान को एसडीओ पद पर पदोन्नति मिलने पर ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने उनका भव्य अभिनंदन किया। जिस अस्पताल से उन्होंने करीब 25 वर्ष पहले अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी, उसी स्थान से पदोन्नति मिलने पर उन्होंने इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बताया। सम्मान समारोह में ग्रामीणों ने डॉ. सांगवान को पगड़ी पहनाकर और फूल-मालाओं से स्वागत कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सांगवान ने अपने कार्यकाल के दौरान न केवल पशुओं के उपचार में उत्कृष्ट सेवाएं दीं, बल्कि किसानों और पशुपालकों के हर सुख-दुख में सहभागी बनकर भरोसेमंद चिकित्सक की पहचान बनाई।


सरपंच प्रतिनिधि लाल सिंह ने कहा कि डॉ. सांगवान की पदोन्नति पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया और पशुपालकों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहे। यही कारण है कि ग्रामीणों ने उन्हें सम्मानित कर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। अपने संबोधन में डॉ. वेद सांगवान ने कहा कि 5 सितंबर 2000 को उनकी पहली नियुक्ति आकोदा पशु अस्पताल में हुई थी। आज लगभग 25 वर्षों बाद इसी स्थान से उन्हें एसडीओ पद पर पदोन्नति मिली है, जो उनके लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सेवाकाल के दौरान कई स्थानों पर कार्य करने का अवसर मिला, लेकिन आकोदा से उनका जुड़ाव हमेशा विशेष रहा।

उन्होंने कहा कि किसी भी सफलता के पीछे पूरी टीम का योगदान होता है। बेहतर नेतृत्व और टीम भावना से ही अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पद स्थायी नहीं होते, लेकिन लोगों के बीच बनाई गई पहचान और सेवा भाव हमेशा याद रखे जाते हैं। डॉ. सांगवान ने कहा कि उन्होंने हर किसान और पशुपालक की समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सहायता करने का प्रयास किया। लोगों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने भविष्य में भी समाज के साथ जुड़े रहने और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम के अंत में राकेश राव ने डॉ. सांगवान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी कार्यनिष्ठा युवा कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। समारोह में डॉ. राजेंद्र, आशीष कुमार, अनिल तिवारी, जोगिंदर, बनवारी लाल, बाबूलाल, नवीन कुमार, प्रदीप नंबरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।