गांव पाली स्थित संस्कार भारती स्कूल की छात्रा हिमानी ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। छात्रा ने 500 में से 494 अंक प्राप्त कर जिला स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, स्कूल परिसर में खुशी का माहौल बन गया और शिक्षकों, विद्यार्थियों व अभिभावकों ने छात्रा को बधाई देकर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्कूल अध्यक्ष सुदेश यादव ने बताया कि हिमानी पुत्री गौरी शंकर, निवासी गांव खुडॉना, शुरू से ही मेधावी और अनुशासित छात्रा रही है। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन और निरंतर मेहनत का ही परिणाम है कि उसने प्रदेश स्तर पर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने कहा कि छात्रा की सफलता में उसके माता-पिता के सहयोग के साथ शिक्षकों के मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हिमानी की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
सुदेश यादव ने बताया कि संस्कार भारती स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट परिणाम दे रहा है। विद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और अनुशासन का भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल अच्छे परीक्षा परिणाम देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। स्कूल में योग्य शिक्षकों की टीम विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार मेहनत कर रही है। हिमानी की सफलता से अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी मेहनत के बल पर बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित होंगे।
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आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती है हिमानी
भास्कर संवाददाता से बातचीत में हिमानी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और माता-पिता को दिया। उसने कहा कि नियमित पढ़ाई, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी करने से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। हिमानी ने बताया कि वह आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनना चाहती है ताकि समाज और देश की सेवा कर सके।
वहीं छात्रा के पिता गौरी शंकर ने बताया कि हिमानी ने इस सफलता को प्राप्त करने के लिए काफी संघर्ष और मेहनत की है। उन्होंने कहा कि बेटी देर रात तक पढ़ाई करती थी और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहती थी। परिवार को उसकी इस उपलब्धि पर गर्व है।
















