मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

खुडाना में धूमधाम से मनी बाबा साहेब की 135वीं जयंती, 21 लाख की सहायता की घोषणा

 

आकोदा क्षेत्र के गांव खुडाना में 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीमित प्रधान जिले सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रमुख डॉ. राकेश विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रवक्ता अमर सिंह द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के दौरान खेल, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अंबेडकर सेवा समिति खुडाना ने मुख्य अतिथि के समक्ष गांव में पुस्तकालय निर्माण तथा अधूरे भवन को पूरा कराने के लिए आर्थिक सहायता की मांग रखी।इस पर डॉ. राकेश ने जिला परिषद कोष से 21 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सहयोग भी दिया जाएगा।

अपने संबोधन में उन्होंने बाबा साहेब के विचारों को याद करते हुए “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश दोहराया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ी संपत्ति है, जिसे कोई छीन नहीं सकता। विशेष रूप से महिला शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक महिला के शिक्षित होने से दो परिवारों का विकास होता है गांव की सरपंच डॉ. अंजु कंवर ने भी लोगों को संबोधित करते हुए बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि चाहे एक रोटी कम खाएं, लेकिन बच्चों को अवश्य पढ़ाएं।

इस अवसर पर प्राचार्य एवं एनसीसी राज्य सलाहकार समिति सदस्य रमन शास्त्री, उपप्रधान लेखराम, मुकेश चहल, प्रधान बिजेंद्र सिंह, प्राचार्य स्वतंत्र कुमार, पूर्व प्राचार्य दयाराम, रामविलास, मास्टर ईश्वर सिंह, मास्टर ओमवीर, मास्टर जयसिंह, लेखा परीक्षक अतर सिंह, मंडल अध्यक्ष संदीप, सरपंच दीपिका माजरा, सरपंच कीर्ति जाट, मनजीत बारबर, सरपंच कर्मवीर सैनी, बचीनी अंबेडकर समिति के प्रधान रवि प्रकाश, पूनम पार्षद, कुणाल, गौरव, गोलू, मनीष दायमा सहित अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



शहर के शौचालयों की हालात


 

रविवार, 12 अप्रैल 2026

स्व गणना करने की….................

 मैं कैप्टन मनोज कुमार, आईएएस, जिला उपायुक्त, महेन्द्रगढ़,


सभी जिलावासियों से आवाहन करता हूँ कि भारत सरकार द्वारा आयोजित की जा रही इस बार की जनगणना बेहद खास और आधुनिक है, क्योंकि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है। इस डिजिटल पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू स्व-गणना है, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक स्वयं अपने और अपने परिवार का विवरण सरकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकता है। इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनें और 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच चलने वाले इस विशेष अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करें।


केंद्र सरकार इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए स्व-गणना पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि आंकड़ों की शुद्धता बनी रहे और आमजन को अपने घर के दरवाजे पर किसी प्रगणक का इंतजार करने के बजाय अपनी सुविधानुसार विवरण भरने की आजादी मिले।

स्व-गणना करना न केवल सुरक्षित है बल्कि यह समय की बचत भी करता है, इसलिए जिले के सभी शिक्षित युवा, कर्मचारी और जागरूक नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए इस पोर्टल का उपयोग करें ताकि हमारा जिला स्व-गणना के मामले में प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सके। मेरी अपील है कि हम एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर राष्ट्र के विकास की सही रूपरेखा तैयार करने में प्रशासन का सहयोग करें।

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ये हैं स्व-गणना की प्रक्रिया


डिजिटल जनगणना पोर्टल पर स्व-गणना करना बेहद सरल और सुरक्षित है। सबसे पहले नागरिक को आधिकारिक जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in/ पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के सफल होने पर आपके मोबाइल पर एक वन-टाइम पासवर्ड प्राप्त होगा, जिसे दर्ज करने के बाद आप लॉगिन कर सकेंगे। इसके पश्चात, आपको स्क्रीन पर मांगी गई आवश्यक जानकारी, जैसे परिवार के सदस्यों के नाम, आयु, शिक्षा और अन्य विवरण को ध्यानपूर्वक भरना होगा। पूरा विवरण भरने के बाद, डेटा को सबमिट करें। सबमिट होते ही आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी, जिसे आप भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं। जब प्रगणक आपके घर का दौरा करेंगे, तो आपको केवल यह संदर्भ संख्या उन्हें दिखानी होगी, जिससे आपकी गणना प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूर्ण हो जाएगी।


MBBS आई पी एस ने खोली किड़नी कांड की पोल........