बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

ज्ञानकोश ए ग्लोबल स्कूल में 31 फुट के रावण का दहन, बच्चों ने स्टॉल लगाकर सीखा कारोबार का गणित लगातार छठे साल हुआ बाल दशहरा उत्सव; महिला आयोग की वाइस चेयरमैन मीना परमार बोलीं- बच्चों को श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सत्य और सदाचार के रास्ते पर चलना चाहिए


 आकोदा-खरखड़ा स्थित ज्ञानकोश ए ग्लोबल स्कूल में बाल दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। उत्सव में 31 फुट ऊंचे रावण का दहन किया गया। हरियाणा प्रदेश महिला आयोग की वाइस चेयरमैन मीना परमार मुख्य अतिथि रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी राधेश्याम गोमला ने की। रामलीला मंचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झूलों और बच्चों की ओर से लगाई गई स्टॉलों ने आयोजन को खास बना दिया। विद्यालय परिसर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल रहा। बच्चों के साथ अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया।


बच्चों ने स्टॉल लगाकर सीखा आत्मनिर्भरता का पाठ

बाल दशहरा उत्सव में बच्चों की ओर से लगाई गई विभिन्न स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों ने खाद्य पदार्थों और अन्य वस्तुओं की स्टॉल लगाकर बिक्री की। इससे उन्हें किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिला। स्टॉलों के माध्यम से बच्चों ने सामान की कीमत तय करने, बिक्री करने, पैसों का हिसाब रखने और बचत के महत्व को समझा। अभिभावकों और अतिथियों ने बच्चों की इस पहल की सराहना की।

विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार ने बताया कि स्कूल में लगातार छठे वर्ष बाल दशहरा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जीवन में उपयोगी कौशल भी सिखाना है। बच्चों को स्वयं स्टॉल लगाने का अवसर देकर उनमें आत्मनिर्भरता, आर्थिक समझ, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना भी है।

श्रीराम का जीवन मर्यादा और आदर्शों का प्रतीक : मीना परमार


मुख्य अतिथि मीना परमार ने कहा कि दशहरा सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, सत्य, कर्तव्य और आदर्शों की सीख देता है। वहीं, रावण का अहंकार यह संदेश देता है कि ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद गलत कार्यों और अहंकार का अंत निश्चित है। उन्होंने बच्चों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा सत्य, सदाचार और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास, आपसी सहयोग और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी सहायक होते हैं। बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देना भी जरूरी है, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

रामलीला मंचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन



विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश झा के निर्देशन में आयोजित उत्सव में विद्यार्थियों के मनोरंजन और प्रतिभा प्रदर्शन के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई गईं। विद्यालय के ऑडिटोरियम में रामलीला का मंचन किया गया। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा दिखाई। परिसर में लगाए गए झूलों का बच्चों ने आनंद लिया, वहीं विभिन्न स्टॉलों पर बच्चों और उनके परिजनों की भीड़ रही।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 31 फुट ऊंचे रावण का दहन रहा। रावण दहन के साथ उपस्थित लोगों ने विजयादशमी के महत्व को याद किया और बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा दी।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद



इस अवसर पर समाजसेवी रुद्रपाल जाट, आकोदा पैक्स चेयरमैन डॉ. नरेश गुप्ता, रविंदर प्रधान झगड़ोली, आकोदा के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह, सत्यनारायण यादव, नारनौल से महिला एसएचओ मंजू शाह, पूर्व नौसेना कर्मी धर्मवीर गोमला, बसई के सरपंच प्रतिनिधि भगत सिंह, युवा भाजपा नेता मनजीत तंवर खुडॉना, आदलपुर के सरपंच मनोज, ब्लॉक समिति उपाध्यक्ष प्रतिनिधि रणधीर सिंह आदलपुर,बसई से जितन, धोलू हरियाणा रोडवेज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

ज्ञानकोश ए ग्लोबल स्कूल का बाल दशहरा उत्सव विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक शिक्षा, मनोरंजन और व्यावहारिक ज्ञान का संगम बना। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किताबी शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी जरूरी हैं।

10 साल की नियमितीकरण की प्रक्रिया.........