महेंद्रगढ़ जिले के खुडाना में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल मॉडल परियोजना को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से लंबित इस महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना को धरातल पर उतारने की मांग अब नए सिरे से जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में रविवार को गांव खुडाना के गणमान्य नागरिकों के एक शिष्टमंडल ने चंडीगढ़ पहुंचकर हरियाणा के पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से मुलाकात की और परियोजना को शीघ्र शुरू कराने के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री ने स्वास्थ्य लाभ के बाद स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात कर आईएमटी का मामला मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, खुडाना आईएमटी परियोजना केवल एक औद्योगिक योजना नहीं, बल्कि पूरे महेंद्रगढ़ क्षेत्र के आर्थिक विकास, रोजगार और निवेश से जुड़ी उम्मीदों का केंद्र है। ऐसे में परियोजना के वर्षों से लंबित रहने के कारण क्षेत्र के युवाओं और किसानों में निराशा का माहौल है। अब पूर्व शिक्षा मंत्री की पहल से परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है।
पूर्व मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद रखा आईएमटी का मुद्दा
रविवार को चंडीगढ़ पहुंचे शिष्टमंडल ने सबसे पहले पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का कुशलक्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने खुडाना आईएमटी परियोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यह योजना लंबे समय से फाइलों में अटकी हुई है। यदि सरकार इस परियोजना को शीघ्र मंजूरी देकर क्रियान्वित करती है तो पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है। ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री से आग्रह किया कि वह अपने अनुभव और राजनीतिक प्रभाव का उपयोग करते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष इस मामले को प्रमुखता से उठाएं, ताकि परियोजना को जल्द स्वीकृति और गति मिल सके।
मुख्यमंत्री से जल्द करेंगे मुलाकात
पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि स्वास्थ्य लाभ के बाद वह स्वयं एक शिष्टमंडल के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि खुडाना आईएमटी परियोजना का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और सरकार से इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का आग्रह किया जाएगा। रामबिलास शर्मा ने कहा कि औद्योगिक विकास के बिना किसी भी क्षेत्र का समग्र विकास संभव नहीं है। आईएमटी बनने से न केवल उद्योग स्थापित होंगे बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, छोटे व्यापारियों को नया बाजार मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार इस महत्वपूर्ण परियोजना पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
क्षेत्र के विकास की बड़ी उम्मीद बनी आईएमटी
ग्रामीणों का कहना है कि यदि खुडाना में आईएमटी स्थापित होती है तो इसका लाभ केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कनीना, महेंद्रगढ़, नारनौल तथा आसपास के अनेक गांवों को भी मिलेगा। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं का पलायन कम होगा और किसानों की भूमि का मूल्य भी बढ़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से क्षेत्र के लोग इस परियोजना के शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई बार इस संबंध में मांग उठाई गई, लेकिन अब तक परियोजना को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। ऐसे में पूर्व मंत्री के आश्वासन से लोगों में नई उम्मीद जगी है।
शिष्टमंडल ने जताया विश्वास
मुलाकात के बाद शिष्टमंडल के सदस्यों ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की ओर से उन्हें बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात कर इस मामले को प्राथमिकता से उठाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि यदि सरकार स्तर पर गंभीर पहल होती है तो खुडाना आईएमटी परियोजना जल्द ही आगे बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि यह परियोजना केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सड़क, बिजली, पानी और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी विकास होगा। साथ ही क्षेत्र में नए शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसर भी विकसित होंगे, जिससे महेंद्रगढ़ जिले को औद्योगिक पहचान मिल सकेगी।
ये रहे उपस्थित
पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से मिलने वाले शिष्टमंडल में गांव खुडाना के सरपंच प्रतिनिधि डॉ. नरेश सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र कुमार, गौशाला के पूर्व प्रधान ओमपाल सिंह ठेकेदार, मंदिर कमेटी के प्रधान मनजीत सिंह, गोविंद ठेकेदार सहित गांव के अन्य गणमान्य नागरिक शामिल रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री से प्रस्तावित मुलाकात के बाद खुडाना आईएमटी परियोजना को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त होगी और सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को जल्द अमलीजामा पहनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। क्षेत्र के लोग अब इस संभावित पहल को विकास और रोजगार की नई उम्मीद के रूप में देख रहे हैं।