उप स्वास्थ्य केंद्र आकोदा की ओर से शनिवार को गांव बास में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूक करते हुए लैंगिक समानता का संदेश दिया गया। रैली का नेतृत्व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) पूनम ने किया। इस अवसर पर एएनएम नीलम कुमारी एवं एमपीएचडब्ल्यू बलजीत ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षा और विकास के समान अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से भ्रूण हत्या, बाल विवाह तथा लिंग भेद जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया।
रैली में आशा कार्यकर्ता बबीता, सुमन, सुनीता, मीना, सुरेंद्र कौर, ममता और रेनू बाला ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य विभाग की टीम और आशा कार्यकर्ताओं ने गांव की विभिन्न गलियों में भ्रमण करते हुए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के समर्थन में नारे लगाए और लोगों को बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि शिक्षित बेटी न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की प्रगति का आधार होती है। अभिभावकों से बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें उच्च शिक्षा दिलाने तथा हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की गई। अभियान के अंत में ग्रामीणों ने भी बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की।





