शुक्रवार, 6 मार्च 2026

संस्कार भारती महिला महाविद्यालय पाली के चेयरमैन सुदेश यादव के पिता का निधन, क्षेत्र में शोक

गांव बवाना निवासी एवं संस्कार भारती महिला महाविद्यालय के चेयरमैन सुदेश यादव के पिता, सेवानिवृत्त 85 वर्षीय कप्तान नित्यानंद का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

उनके पुत्रों दयाचंद, वीरेंद्र और सुदेश ने बताया कि कप्तान नित्यानंद अपने अनुशासन, पंक्चुअलिटी, मेहनत और सच्चाई के लिए जाने जाते थे। वे बेहद धार्मिक और सामाजिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। उन्होंने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दीं और सेवानिवृत्ति के बाद बवाना मंदिर कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी समाज सेवा करते रहे।

उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव बवाना में किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कप्तान नित्यानंद अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी स्मृति में गांव बवाना में शोक सभा का भी आयोजन किया जाएगा।

ट्रेन के वॉशरूम में जज की पत्नी की मौत, स्टेशन पर इंतजार करते रहे पति

 राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस में सफर के दौरान जज की पत्नी की ट्रेन के वॉशरूम में मौत हो गई. डॉक्टरों के अनुसार महिला को अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आया है


ट्रेन के वॉशरूम में जज की पत्नी की मौत, स्टेशन पर इंतजार करते रहे पति

चित्तौड़गढ़ जिले में कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस में सफर के दौरान जज की पत्नी की ट्रेन के वॉशरूम में मौत हो गई.

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस (17606) में सफर के दौरान अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की पत्नी की अचानक मौत हो गई. शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने मौत का कारण साइलेंट हार्ट अटैक बताया है. इस घटना से परिवार और सहयात्रियों में शोक का माहौल है.

अलग-अलग कोच में कर रहे थे यात्रा

जानकारी के अनुसार निंबाहेड़ा के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा चौहान बुधवार को सोजत से निंबाहेड़ा के लिए ट्रेन से सफर कर रहे थे. दोनों का रिजर्वेशन अलग-अलग कोच में था इसलिए वे अलग-अलग डिब्बों में बैठे थे. ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंचने वाली ही थी तभी अचानक यह दुखद घटना घट गई.

वॉशरूम जाने की बात कहकर किया था फोन

निंबाहेड़ा पहुंचने से कुछ समय पहले उषा चौहान ने अपने पति को फोन कर बताया कि वह वॉशरूम जा रही हैं. इसके बाद ट्रेन जैसे ही निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंची जज राजकुमार चौहान नीचे उतर गए और पत्नी का इंतजार करने लगे. लेकिन काफी देर तक उषा चौहान कोच से बाहर नहीं आईं जिससे उन्हें चिंता होने लगी.

मोबाइल लोकेशन से ट्रेन में होने का पता चला

घबराए जज ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी. मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई तो पता चला कि उषा चौहान की लोकेशन अभी भी ट्रेन में ही है. इसके बाद ट्रेन को आगे मंदसौर में भी रुकवाने की कोशिश की गई लेकिन वहां वॉशरूम का दरवाजा नहीं खुल सका.

जावरा में तोड़ा गया वॉशरूम का दरवाजा

आखिरकार रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर ट्रेन को रुकवाकर कोच की तलाशी ली गई. एक वॉशरूम अंदर से बंद मिला जिससे पुलिस को शक हुआ. जीआरपीएफ ने कटर और अन्य औजारों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो अंदर उषा चौहान बेसुध हालत में पड़ी मिलीं.


अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच में डॉक्टरों का मानना है कि उन्हें अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आया जिससे उन्हें संभलने या मदद मांगने का मौका नहीं मिला. बाद में परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव को अपने साथ जोधपुर ले गए.

गांव गढ़ी में होली का अपना ही रंग और परंपरा है।


गांव गढ़ी में ढप्प (Dhapp) बजाकर धमाल गाने की पुरानी परंपरा रही है। प्रतीकात्मक रूप से ढप्प बजाकर धमाल गाया गया और सभी को रंग-गुलाल लगाकर खुशियां मनाई गईं।

गांव के आंगन में पानी की मस्ती के साथ भाभियों के साथ होली खेलने का अलग ही आनंद, भाइयों का भाईचारा, पूरे गांव में मिलना-जुलना - यही तो होली के त्योहार का असली संगम है।

फिर सबको मिठाई खिलाना, बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना और छोटों को प्यार देना, यही गांव की खूबसूरत परंपरा है।

यहां वर्षों से ढप्प बजाकर धमाल गाने की परंपरा रही है। हमारे बुजुर्ग मंदिर के नीचे वाले आंगन से शुरू होकर घर-घर जाकर प्यार और भाईचारा बांटते थे।

उसी परंपरा को निभाते हुए इस होली पर भी रंग-गुलाल और पानी वाली मस्ती भरी होली, भाभियों के साथ हंसी-मजाक और पूरे गांव में मिलना-जुलना - यह सब मिलकर होली को और भी खास बना देता है।

बड़े-बुजुर्गों, चाचा-ताऊ-ताई का आशीर्वाद, छोटों का स्नेह और हर घर में मिलने वाला निस्वार्थ, निश्छल और आत्मीय प्रेम यही इस गांव की असली पहचान है।

सच में गांव गढ़ी की होली का प्यार, अपनापन और वो पल अद्भुत होते हैं।


आदलपूर आये दुष्यंत चौटाला.....