शुक्रवार, 10 जुलाई 2026
बुधवार, 8 जुलाई 2026
रविवार, 5 जुलाई 2026
शनिवार, 4 जुलाई 2026
गुरुवार, 2 जुलाई 2026
बसई के केतन तंवर ने इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, दिल्ली व हरियाणा का बढ़ाया मान -मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दिखाया दम, लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर बने युवाओं के प्रेरणास्रोत
जिले के गांव बसई के होनहार खिलाड़ी केतन तंवर ने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर दिल्ली के साथ-साथ अपने पैतृक गांव बसई और हरियाणा का नाम भी गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा खेल प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 जून 2026 को मुंबई (महाराष्ट्र) के अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में केतन तंवर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में देश-विदेश के खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले के बावजूद उन्होंने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक हासिल किया।
केतन तंवर के पिता एवं दिल्ली भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष संजय तंवर ने बताया कि केतन लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहा है। इससे पहले भी उसने इंडो-नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप में चार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। वहीं वर्ष 2025 में आयोजित प्रतियोगिता में उसने सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया था। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने केतन को उभरते हुए ताइक्वांडो खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।
केतन की इस उपलब्धि पर दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, पूर्व विधायक एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद (भारत) इकाई के डायरेक्टर कमांडो सुरेंद्र सिंह मुंडका, पूर्व विधायक सुखबीर सिंह तथा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सी.एल. मीणा ने मोबाइल फोन के माध्यम से केतन तंवर और उनके कोच सोनू कश्यप को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केतन ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत का तिरंगा बुलंद करने की शुभकामनाएं दीं।
गांव बसई सहित पूरे महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोगों ने केतन की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। खेलों के प्रति उनका समर्पण और अनुशासन यह साबित करता है कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत मिले तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार की 'खेलो इंडिया' जैसी योजनाओं से देश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिला है। केतन तंवर की सफलता भी इसी सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
मंगलवार, 30 जून 2026
आकोदा पैक्स बना किसानों की सुविधाओं का नया केंद्र: सहकारिता जागरूकता सप्ताह शुरू, सीएससी का भी शुभारंभ -6 जुलाई तक प्रतिदिन होंगे जागरूकता कार्यक्रम, अब पैक्स में ही मिलेंगी फसल ऑनलाइन, किसान आईडी और बिजली बिल भुगतान समेत कई सरकारी सेवाएं
बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (पैक्स) आकोदा में सोमवार को सहकारिता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ आमसभा के साथ हुआ। 29 जून से 6 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के पहले दिन किसानों और समिति सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाखा प्रबंधक दीपक तंवर ने बताया कि जागरूकता सप्ताह के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, सहकारी गतिविधियों तथा नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही किसान अपनी समस्याएं और सुझाव भी अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। उन्होंने बताया कि 30 जून को डिजिटाइजेशन एवं सीएम पैक्स पंजीकरण विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
आमसभा के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित सदस्यों को सहकारी मूल्यों एवं सिद्धांतों के प्रति जागरूक करते हुए सहकारी प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पैक्स परिसर में स्थापित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का शुभारंभ रहा। गांव के सरपंच प्रतिनिधि लाल सिंह तथा पैक्स चेयरमैन डॉ. नरेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से फीता काटकर सीएससी का उद्घाटन किया।
पैक्स प्रबंधक ने बताया कि सीएससी शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को अब छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए दूसरे कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पैक्स परिसर में ही निर्धारित सरकारी शुल्क पर फसल ऑनलाइन पंजीकरण, किसान आईडी बनवाने, बिजली बिल जमा कराने सहित सीएससी से जुड़ी अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे किसानों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा सरकारी सेवाएं उनके गांव में ही सुलभ हो सकेंगी।
इस अवसर पर एआर सुधीर अहलावत, सब इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार, कोऑपरेटिव बैंक आकोदा के शाखा प्रबंधक राजकुमार, कैशियर सुरेंद्र, वीरभान, विशम्बर, नरेश कुमार, हिमांशु, अभिषेक, हरेंद्र, पैक्स के वाइस चेयरमैन वीर सिंह, डायरेक्टर नरेंद्र कुमार, दिलीप सिंह, बाला देवी, मदनलाल, संजय, खुडाना के सरपंच प्रतिनिधि डॉ. नरेश सिंह, नंबरदार प्रदीप, गजराज पंच, लादू सिंह, अजय पाल, पूर्व पंच राजेंद्र शर्मा, नरेश नंबरदार, पूर्व पंच सुनील, गजे ढाणी, रामकुमार उर्फ मंगर, कृष्ण सिंह बास, सोनू तंवर पाल, जागे राम सहित पैक्स का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
सोमवार, 29 जून 2026
रविवार, 28 जून 2026
शुक्रवार, 26 जून 2026
गुरुवार, 25 जून 2026
आकोदा के बाबा साध धाम में 26 जून को लगेगा विशाल भंडारा, भजन-कीर्तन से गूंजेगा परिसर
गांव आकोदा स्थित प्रसिद्ध आस्था केंद्र बाबा साध धाम में 26 जून को द्वादशी के पावन अवसर पर विशाल भंडारे एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है तथा आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस अवसर पर दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन से जुड़े सतीश ठेकेदार ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ से होगी। इसके बाद सुबह 9 बजे से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण शुरू किया जाएगा। भंडारे में शुद्ध देसी घी से तैयार प्रसाद की व्यवस्था की गई है, जिसे दिनभर श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि धार्मिक आयोजन के दौरान क्षेत्र के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा बाबा की महिमा का गुणगान किया जाएगा। भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश देने के साथ-साथ धर्म और संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बाबा साध धाम क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है, जहां प्रत्येक द्वादशी को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों की गहरी आस्था इस धाम से जुड़ी हुई है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा के दरबार में सच्ची श्रद्धा से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आयोजकों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि सभी भक्तजन सुचारू रूप से कार्यक्रम में भाग लेकर प्रसाद ग्रहण कर सकें। धार्मिक आयोजन को लेकर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी उत्साह देखा जा रहा है। सतीश ठेकेदार ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में बाबा साध धाम पहुंचकर हवन यज्ञ, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे में शामिल हों तथा बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारे, श्रद्धा और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
बुधवार, 24 जून 2026
पूर्व सरपंच वेदपाल यादव के निधन से क्षेत्र में शोक, हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई दो बार संभाली आकोदा की सरपंची, विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों के लिए थे प्रसिद्ध
आकोदा के पूर्व सरपंच एवं वरिष्ठ समाजसेवी वेदपाल यादव का मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे करीब 78 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। मंगलवार को उन्होंने अपने पैतृक गांव आकोदा में अंतिम सांस ली। स्वर्गीय वेदपाल यादव ने दो बार गांव आकोदा के सरपंच के रूप में सेवाएं दीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गांव के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी पहचान एक सरल, सौम्य और जनहितैषी जनप्रतिनिधि के रूप में रही। ग्रामीणों के अनुसार वे हमेशा लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते थे।
उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि वेदपाल यादव ने अपने व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिबद्धता से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। वे गांव के विकास से जुड़े हर मुद्दे को गंभीरता से लेते थे और समाज के सभी वर्गों के बीच समान रूप से सम्मानित थे।
मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार गांव आकोदा में पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, पंचायत सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। उनके सामाजिक एवं जनसेवा के योगदान को स्मरण किया। उनके निधन से गांव आकोदा ने एक अनुभवी, दूरदर्शी और जनप्रिय नेतृत्व को खो दिया है। शोकाकुल परिवार के प्रति क्षेत्रवासियों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सोमवार, 22 जून 2026
सोमवार, 15 जून 2026
रविवार, 14 जून 2026
शनिवार, 13 जून 2026
शुक्रवार, 12 जून 2026
मार्शल आर्ट नेशनल चैम्पियनशिप में ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल का शानदार प्रदर्शन पांच स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान
शिमला में आयोजित थोड़ा स्पोर्ट्स एंड मार्शल आर्ट नेशनल चैम्पियनशिप-2026 में ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल, आकोदा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण तथा दो रजत पदक अपने नाम किए हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से विद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। प्रतियोगिता में शानदार सफलता हासिल करने के बाद खिलाड़ियों के विद्यालय लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार और प्राचार्य रामनिवास ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा अभिभावकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
प्राचार्य रामनिवास ने बताया कि 4 से 8 जून तक शिमला में आयोजित राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में विद्यालय के सात विद्यार्थियों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता में खुशहाल, मयंक, नितिन, अमन और कार्तिक ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, जबकि दीपांशु और हन्नी ने रजत पदक हासिल किए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की यह उपलब्धि विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की लगातार मेहनत, अनुशासन, समर्पण और खेल के प्रति उनकी लगन का महत्वपूर्ण योगदान है। खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कठिन अभ्यास किया, जिसका परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिला। उन्होंने प्रशिक्षक नीरज और नरेश के मार्गदर्शन की भी सराहना करते हुए कहा कि दोनों कोचों ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार ने खिलाड़ियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यालय के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कोच नीरज और नरेश सहित पूरी टीम का आभार जताया और कहा कि खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
राकेश कुमार ने विश्वास जताया कि यह सफलता आगे और बड़े मुकाम हासिल करने की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि अगस्त माह में भूटान में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी विद्यालय के खिलाड़ी भाग लेंगे और देश, प्रदेश तथा विद्यालय का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विद्यालय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग देता रहेगा। विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने भी खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
बुधवार, 10 जून 2026
मंगलवार, 9 जून 2026
सोमवार, 8 जून 2026
रविवार, 7 जून 2026
25 साल की सेवा के बाद मिली पदोन्नति, आकोदा में भावुक हुआ सम्मान समारोह जहां से शुरू हुआ सफर, वहीं से एसडीओ बने डॉ. वेद सांगवान; ग्रामीणों ने पगड़ी पहनाकर किया सम्मानित
राजकीय पशु अस्पताल आकोदा में शुक्रवार को उस समय भावुक माहौल बन गया जब पशुपालन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वेद सांगवान को एसडीओ पद पर पदोन्नति मिलने पर ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने उनका भव्य अभिनंदन किया। जिस अस्पताल से उन्होंने करीब 25 वर्ष पहले अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी, उसी स्थान से पदोन्नति मिलने पर उन्होंने इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बताया। सम्मान समारोह में ग्रामीणों ने डॉ. सांगवान को पगड़ी पहनाकर और फूल-मालाओं से स्वागत कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सांगवान ने अपने कार्यकाल के दौरान न केवल पशुओं के उपचार में उत्कृष्ट सेवाएं दीं, बल्कि किसानों और पशुपालकों के हर सुख-दुख में सहभागी बनकर भरोसेमंद चिकित्सक की पहचान बनाई।
सरपंच प्रतिनिधि लाल सिंह ने कहा कि डॉ. सांगवान की पदोन्नति पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया और पशुपालकों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहे। यही कारण है कि ग्रामीणों ने उन्हें सम्मानित कर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। अपने संबोधन में डॉ. वेद सांगवान ने कहा कि 5 सितंबर 2000 को उनकी पहली नियुक्ति आकोदा पशु अस्पताल में हुई थी। आज लगभग 25 वर्षों बाद इसी स्थान से उन्हें एसडीओ पद पर पदोन्नति मिली है, जो उनके लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सेवाकाल के दौरान कई स्थानों पर कार्य करने का अवसर मिला, लेकिन आकोदा से उनका जुड़ाव हमेशा विशेष रहा।
उन्होंने कहा कि किसी भी सफलता के पीछे पूरी टीम का योगदान होता है। बेहतर नेतृत्व और टीम भावना से ही अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पद स्थायी नहीं होते, लेकिन लोगों के बीच बनाई गई पहचान और सेवा भाव हमेशा याद रखे जाते हैं। डॉ. सांगवान ने कहा कि उन्होंने हर किसान और पशुपालक की समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सहायता करने का प्रयास किया। लोगों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने भविष्य में भी समाज के साथ जुड़े रहने और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में राकेश राव ने डॉ. सांगवान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी कार्यनिष्ठा युवा कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। समारोह में डॉ. राजेंद्र, आशीष कुमार, अनिल तिवारी, जोगिंदर, बनवारी लाल, बाबूलाल, नवीन कुमार, प्रदीप नंबरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
शनिवार, 6 जून 2026
शुक्रवार, 5 जून 2026
आकोदा में 9 जून को लगेगा विशाल निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर आयुष विभाग की पहल, महिलाओं सहित सभी आयु वर्ग के मरीजों को मिलेगा लाभ
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गांव आकोदा में 9 जून को विशाल निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। हरियाणा सरकार के आयुष विभाग के निर्देशानुसार आयोजित होने वाले इस शिविर में क्षेत्र के नागरिकों को स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं दवाइयों की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय बसई के फार्मासिस्ट महेंद्र पाल ने बताया कि जिला आयुर्वेद अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर डॉ. निशा मान मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। शिविर में जोड़ों व शरीर के दर्द, श्वास संबंधी रोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी, मौसमी बीमारियों तथा अन्य सामान्य रोगों की जांच कर विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य को विशेष प्राथमिकता देते हुए स्त्री रोगों, एनीमिया (खून की कमी) और अन्य महिला संबंधी समस्याओं की जांच एवं उपचार की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा मरीजों के हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर तथा वजन की जांच पूरी तरह नि:शुल्क की जाएगी।
शिविर के दौरान जरूरतमंद मरीजों को आयुर्वेदिक दवाइयां भी मुफ्त वितरित की जाएंगी। डॉ. निशा मान ने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और रोगों की रोकथाम का प्रभावी माध्यम भी है।
आयुष विभाग के इस विशेष स्वास्थ्य शिविर को ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच, परामर्श और आयुर्वेदिक उपचार का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। विभाग को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इस शिविर का लाभ उठाकर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे।
गुरुवार, 4 जून 2026
बुधवार, 3 जून 2026
किसानों के इंतकाल अंग्रेजी में दर्ज करने के फैसले का विरोध, हिंदी में व्यवस्था लागू करने की मांग राजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह तंवर बोले— किसानों की सुविधा से जुड़े दस्तावेज उनकी समझ की भाषा में होने चाहिए, मुख्यमंत्री के नाम जल्द सौंपा जाएगा ज्ञापन
प्रदेश सरकार द्वारा ऑनलाइन इंतकाल (म्यूटेशन) प्रक्रिया के लिए जारी नई गाइडलाइन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। किसानों के इंतकाल अंग्रेजी भाषा में दर्ज किए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय जनलोक पार्टी (राजपा) के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह तंवर ने इसे ग्रामीण किसानों के हितों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड केवल अंग्रेजी भाषा में तैयार किए जाएंगे तो बड़ी संख्या में ग्रामीणों को उन्हें समझने में कठिनाई होगी, जिससे अनावश्यक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
गांव बसई में ग्रामीणों और किसानों से बातचीत करते हुए राकेश सिंह तंवर ने कहा कि सरकार डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने और राजस्व कार्यों को ऑनलाइन करने की दिशा में सराहनीय प्रयास कर रही है, लेकिन किसी भी नई व्यवस्था को लागू करते समय आमजन की सुविधा और समझ का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अधिकांश किसान हिंदी भाषा का ही प्रयोग करते हैं तथा बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें अंग्रेजी का सीमित या बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है।
किसानों को रिकॉर्ड समझने में आएगी परेशानी
राकेश सिंह तंवर ने कहा कि भूमि संबंधी दस्तावेज, इंतकाल और अन्य राजस्व रिकॉर्ड किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर ही भूमि स्वामित्व, बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं का लाभ और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरे किए जाते हैं। यदि ये रिकॉर्ड अंग्रेजी में होंगे तो किसानों को बार-बार दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक बुजुर्ग किसान ऐसे हैं जो केवल हिंदी पढ़ और समझ सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए अंग्रेजी में दर्ज रिकॉर्ड को समझना बेहद कठिन होगा। इससे गलतफहमियों और विवादों की संभावना भी बढ़ सकती है।
नंबरदार और ग्रामीण प्रतिनिधियों को भी होगी दिक्कत
राजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि गांवों में रजिस्ट्री और राजस्व संबंधी कार्यों में नंबरदारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अधिकांश नंबरदार किसानों और प्रशासन के बीच समन्वय का कार्य करते हैं, लेकिन उनमें से भी कई लोगों का अंग्रेजी ज्ञान सीमित है। ऐसे में यदि इंतकाल अंग्रेजी में दर्ज किए जाएंगे तो उन्हें भी दस्तावेजों को समझने और किसानों को सही जानकारी देने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जो तकनीकी रूप से आधुनिक होने के साथ-साथ आम नागरिक के लिए भी सरल और सुलभ हो।
हिंदी को बढ़ावा देने की नीति से भी उठे सवाल
राकेश सिंह तंवर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें समय-समय पर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित करती हैं। सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की बात कही जाती है तथा हिंदी पखवाड़े और अन्य जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। ऐसे में किसानों से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अंग्रेजी में तैयार करने का निर्णय विरोधाभासी प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में हिंदी को बढ़ावा देना चाहती है तो राजस्व विभाग के दस्तावेजों में भी हिंदी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे न केवल किसानों को सुविधा मिलेगी बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद भी अधिक प्रभावी होगा।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध हो दस्तावेज
राजपा प्रदेशाध्यक्ष ने सुझाव देते हुए कहा कि सरकार यदि तकनीकी कारणों से अंग्रेजी का प्रयोग करना चाहती है तो उसके साथ-साथ हिंदी में भी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे किसानों को अपने दस्तावेजों को समझने में आसानी होगी और उन्हें किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भूमि से संबंधित मामलों में पारदर्शिता और स्पष्टता बेहद आवश्यक है। दस्तावेज ऐसी भाषा में होने चाहिए जिन्हें संबंधित व्यक्ति आसानी से पढ़ और समझ सके।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
राकेश सिंह तंवर ने बताया कि किसानों की इस समस्या को लेकर जल्द ही उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में मांग की जाएगी कि ऑनलाइन इंतकाल प्रक्रिया में हिंदी भाषा को भी शामिल किया जाए तथा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए नई गाइडलाइन में आवश्यक संशोधन किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा और अधिकारों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर राजपा उनके साथ खड़ी है और सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाने का कार्य करती रहेगी। ग्रामीणों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि राजस्व रिकॉर्ड उनकी समझ की भाषा में उपलब्ध होने चाहिए, ताकि वे अपने अधिकारों और भूमि संबंधी विवरणों को आसानी से समझ सकें।
मंगलवार, 2 जून 2026
14 दिन में 2 करोड़ गायब
SBI की महिला कैशियर ने 14 दिनों में 2.06 करोड़ रुपये उड़ा दिए छत्तीसगढ़ की तेजवथ थीरापतम्मा नाम की बहुत ही होनहार और मेहनती कैशियर ने मात्र 14 दिन में बैंक के 2 करोड़ 6 लाख रुपये गायब कर दिए..
जब बैंक ने हिसाब मांगा तो मैडम का बहाना सुनकर सब दंग रह गए।
61 लाख चाय-नाश्ते और खाने में
50 लाख बैंक बिल्डिंग के मेंटेनेंस में
बाकी अलग-अलग चार्जेस में
मैडम खुद चोर नहीं थीं एक ऑनलाइन ठग ने उन्हें पैसे दोगुने करने का लालच दिया...
झांसे में आकर उन्होंने बैंक के पैसे ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए जब फंस गईं तो चाय-नाश्ते वाला बहाना बना दिया..
अब मैडम को पुलिस गिरफ्तार करके ले गई है और आगे की जाँच जारी है I
रविवार, 31 मई 2026
खुडाना के पूर्व सरपंच नरेंद्र कुमार की भाभी संतरा देवी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
गांव खुडाना निवासी पूर्व सरपंच एवं आकोदा पैक्स के डायरेक्टर नरेंद्र कुमार की भाभी तथा धार्मिक प्रवृत्ति की वरिष्ठ महिला संतरा देवी का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही गांव खुडाना सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। समाजसेवी डॉ. नरेश सिंह ने बताया कि संतरा देवी अत्यंत धार्मिक, सरल एवं मिलनसार स्वभाव की महिला थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक एवं पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण और संस्कारों के प्रसार में समर्पित किया। गांव की महिलाएं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, पारंपरिक रीति-रिवाजों और त्योहारों से जुड़े विषयों पर उनसे मार्गदर्शन लेने पहुंचती थीं। उनकी अनुभवपूर्ण सलाह और सौम्य व्यवहार के कारण समाज में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था।
ग्रामीणों के अनुसार संतरा देवी ने सदैव सादगीपूर्ण जीवन जिया और लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारे तथा धार्मिक आस्था का संदेश दिया। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे सामाजिक गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों में रुचि रखती थीं, जिससे नई पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलती थी। बुधवार को गांव खुडाना के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ किया गया। अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में गांव गढ़ी के सरपंच कर्मवीर, बास के सरपंच रतन सिंह, धोली के सरपंच अमित मास्टर, सरपंच प्रतिनिधि डॉ. नरेश सिंह, आकोदा से बद्री प्रसाद गुप्ता, दर्शन रामशरण, खुडाना से ओमपाल सिंह ठेकेदार, पूर्व सरपंच धन सिंह, पूर्व सरपंच राधे सिंह, अध्यक्ष श्योराज सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामीण शामिल रहे। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि संतरा देवी का जीवन धर्मपरायणता, सादगी और समाज सेवा की भावना का प्रतीक था। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद सदैव लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक सम्मानित एवं अनुभवी बुजुर्ग महिला को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

















































