शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025

आकोदा में धूमधाम से मनाया गया महाशिवरात्रि पर्व, गांव मे ंशिव-पार्वती की निकाली गई झांकी

 

महेंद्रगढ़ 

गांव आकोदा स्थित गायत्री चेतना केंद्र एवं महाकाल मंदिर में बुधवार को महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस विषय में जानकारी देते हुए महाकाल मंदिर के सदस्य बद्री प्रसाद गुप्ता ने बताया कि शिव पार्वती की झांकी गाजे बाजे के साथ गांव की गलियों से होती हुई आकोदा बस स्टैंड महाकाल मंदिर एवं गायत्री चेतना केन्द्र में पहुंची और वहां पर शिव पार्वती का वरमाला सहित विवाह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में महिलाओं, बच्चों व पुरुषों ने डीजे पर नाचकर आनंद लिया।

बेटी ऊषा का बनवारा निकाल परिजनों ने बेटा-बेटी के भेदभाव को समाप्त करने का दिया संदेश


महेंद्रगढ़

गांव पालडी निवासी डॉक्टर अशोक कुमार ने अपनी बेटी ऊषा का बनवारा निकाल कर बेटा-बेटी के भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया है। डॉक्टर अशोक यादव जो कि पेशे से पशु चिकित्सक है उन्होंने बताया कि लड़का लड़की में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपनी बेटी की भी बेटों की तरह परवरिश की है और अभी 1 मार्च को उसकी शादी है। 

गुरुवार रात्रि को परिवार के सदस्यों ने बेटी ऊषा का घोड़ी पर बैठा कर बनवारा निकला गया।घोड़ी के एक तरफ लड़की के पिता जी डॉ अशोक कुमार और दूसरी तरफ नरेश जोशी जो कि पिछले 37  वर्षो से बहुत अज़ीज़ दोस्ती निभा रहे हैं जो की इलाके में अपने आप में लोगों के लिए एक मिसाल है कुछ लोग तो इनकी जोड़ी को राम लक्ष्मण की जोड़ी भी कहते हैं पेशे से एक पशु चिकित्सक हैं और दूसरा फार्मासिस्ट हैं।लड़की के चाचा नरेश जोशी ने बताया कि हमारी भतीजी ऊषा जो कि एमएससी पास है और साथ-साथ हेल्थ फिटनेस ट्रेनर का कार्य भी करती है जानकारी देते हुए बताया कि ऊषा जो कि गांव पालड़ी के रहने वाली है हालआबाद महेंद्रगढ़ में रहती हैं वहां पर घोड़ी बैठकर कर उनका गाजे बाजे के साथ बनवारा निकला गया और समाज में संदेश दिया की लड़कियां किसी से कम नहीं है।उनका कहना है कि एक लड़की दो परिवारों का नाम रोशन करती है।इस अवसर पर महिलाओं ने भी नाच गाने के साथ-साथ बनवारे में भरपूर आनंद उठाया।

गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025

नैशनल साइंस-डे पर केन्द्रीय विश्वविद्यालय जांट-पाली में आयोजित प्रतियोगिता में ज्ञानकोश-ए ग्लोबन स्कूल के विद्यार्थी छाए

 

महेंद्रगढ़ 

नैशनल साइंस डे पर केन्द्रीय विश्वविद्यालय जांट-पाली में आयोजित प्रतियोगिता में खरकड़ा स्थित ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल के विद्यार्थियों ने साइंस के एक से बढ़कर एक मॉडल प्रस्तुत करके नया किर्तिमान स्थापित किया। विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार ने बताया कि साइंस-डे पर आयोजित प्रतियोगिता में हमारे विद्यालय से 8 विद्यार्थियों ने भाग लिया। 

जिसमें सभी विद्यार्थियों द्वारा तैयार मॉडल एक से बढ़कर एक थे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की व विज्ञान के अध्यापक अमित कुमार व विरेन्द्र को इस उपलब्धि पर बधाई दी। प्राचार्य रामनिवास यादव ने सभी बच्चों को बधाई देते हुए अपने संबोधन में बताया कि नैशनल साइंस डे पर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों की 22 टीमों ने भाग लिया था।

जिसमें हमारे स्कूल के बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल का प्रदर्शन काफी श्रेष्ठ रहा है। उन्होंने बताया कि हमारे बच्चें खेलों के साथ-साथ विज्ञान व तकनीकि क्षेत्र में भी अपनी श्रेष्ठता का परिचय दे रहे है। ये हमारे लिए बडे गौरव की बात है।

मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025

आकोदा में परिजनों ने बेटी अंजलि का घोड़ी पर बैठा बनवारा निकाल बेटा-बेटी एक समान का दिया संदेश

महेंद्रगढ़ 

गांव आकोदा में अंजलि पुत्री निरंजन का बनवारा निकाल कर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं बेटा बेटी एक समान को चरितार्थ किया। अशोक यादव फायर ऑफिसर ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बहन अंजलि की शादी आज मंगलवार 25 फरवरी को है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा तरह-तरह की योजनाएं चला कर लोगों को जागरूक किया जाता है।

लड़का-लड़की एक समान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित अनेक प्रकार की योजनाएं चलाई हुई है। हमने बेटा बेटी एक समान को सार्थक करते हुए अंजलि का सोमवार रात्रि को घोड़ी पर बैठा कर बनवारा निकाल कर संदेश दिया है। लड़का लड़की एक समान होते हैं गांव के सरपंच प्रतिनिधि नरेश ठेकेदार ने बताया कि लोगों को जागरूक होना पड़ेगा क्योंकि लड़की लड़कों से किसी भी प्रकार से काम नहीं है एक लड़की दो घरों का नाम रोशन करती है इसलिए उन्होंने बताया कि हमारे पास सरकार द्वारा भी अनेक कार्यक्रम आते हैं और आम आदमी को जागरूक भी होना चाहिए। उन्होंने बताया कि हमारी बेटी अंजलि जोकि एमएससी पास है और हमें लड़का लड़की में कोई भेदभाव नहीं है इसलिए हमने लड़कों की तरह गांव में उसका भी रात्रि को घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकाला और सभी रस्मे में अदा की है। इस अवसर पर मास्टर इंद्रपाल,अनिल कुमार, यादवेंद्र, महेंद्र सिंह उर्फ माही, शर्मिला देवी, सुमन देवी कालावाली, मुकेश यादव, राधा यादव सहित काफी संख्या में लोगों ने नाच गाने के साथ अंजलि का बनवारा निकला।

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2025

पैसे के अभाव में बसई आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी के भवन का निर्माण कार्य बंद होने से ग्रामीण नाराज। 18 माह में तीन बार रूक चुका है निर्माण कार्य

 

महेंद्रगढ़

गांव बसई की आयुर्वैदिक डिस्पेंसरी ग्रामीणों व विभाग के लिए गले की फांस बनी हुई है। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी का कार्य लगातार 18 महीने में तीसरी बार फिर बंद हो गया है अबकी बार विभाग का कहना है कि पैसे खत्म होने की वजह से कार्य रोक दिया गया है।

गांव के सरपंच प्रतिनिधि भगत सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ठेकेदार व विभाग के अधिकारियों द्वारा समय पर कार्य पूर्ण न करवाए जाने की वजह से यह पैसा लेप्स होकर वापस चला गया है। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदार के द्वारा समय रहते अपना कार्य पूर्ण कर दिया जाता तो आज यह समस्या न रहती। 

बता दें कि गांव बसई को सांसद चौधरी धर्मवीर द्वारा गोद लिया गया है। इस गांव में एक स्वास्थ विभाग द्वारा सब सेंटर बनाया गया है। जिसमें लोग उपले थापते हैं। काफी दिनों से यह सेंटर प्राइवेट भवन में चला रहे और वहां की एक कर्मचारी अपनी मासिक तनख्वाह में से किराया देती थी।अब किसी दूसरी प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहा है लेकिन उसका कोई स्थाई ठिकाना नहीं है। 

दूसरी तरफ सरकार द्वारा आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी का कार्य भी पिछले 18 महीना से चलाया गया है जोकि 18 महीने में तीसरी बार फिर से बंद हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग कर डिस्पेंसरी का कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाने की मांग की है। ग्रामीण दलीप शेखावत, श्याम सुन्दर, राजू कोच, रणवीर पीटीआई, मीर सिंह, कृष्ण मिस्त्री, सुकेन्द्र, रमेश शर्मा,मनोज पुजारी,सुनील ठेकेदार,सूबेदार रमेश जोशी आदि ने बताया कि बसई  सरकारी आयुर्वैदिक डिस्पेंसरी का कार्य सितंबर 2023 में सरकार द्वारा शुरू किया गया था। उस समय इसकी ग्रांट लगभग 24 लाख रुपए सरकार द्वारा पास की गई थी। ग्रामीणों ने जब निर्माणाधीन डिस्पेंसरी पर जाकर देखा तो वहां पर पाया कि बिना नींव व बिना पिलर के ही निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है और निर्माण सामग्री भी निम्न स्तर की प्रयोग की जा रही थी। 

ग्रामीणों ने कार्य को बीच में रुकवा कर उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया गया था। जिसके बाद विभाग के अधिकारियो ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला की ईंट भी हल्की थी व नींव भी नहीं खोदी गई थी इसलिये कार्य को बीच में रुकवाकर आगे की कार्रवाई करते हुए ग्रांट बढ़वाने के लिए ग्रामीणों से कहा। ग्रामीणों ने इसके लिए पंचायती राज के एक्सईएन से मिलकर सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह के प्रयास से इसकी ग्रांट बढ़ाकर लगभग 45 लाख रुपए सरकार द्वारा कर दी गई। उसके पश्चात इसका नया टेंडर छोड़कर इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन लगभग पांच महीने बाद फिर से इसका निर्माण कार्य बंद हो गया। ठेकेदार बीच में ही काम छोड़कर चला गया और ग्रामीणों ने इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अभी फिर कुछ दिन पहले काम शुरू हुआ था लेकिन पिछले एक सप्ताह से फिर काम बंद हो गया ग्रामीणों का कहना हैं कि सरकार एक तरफ तो स्वस्थ भारत स्वच्छ भारत के नारा देकर हर घर में स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लोगों को जागरुक कर रही है दूसरी तरफ लगभग 18 महीने से इस डिस्पेंसरी का कार्य शुरू हो चुका है लेकिन अभी निर्माण कार्य 18 महीने में तीन बार बंद भी हो चुका है लेकिन अभी फिर से बंद हो गया जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्दी ही अगर इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो हम मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री से भी इसके लिए हम शिकायत भेजेंगे।

इस आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में बैठने वाला स्टाफ लगभग पिछले 2 साल से पशु अस्पताल के ऊपर चौबारे में मरीजों को देख रहा है वहां पर ऊपर चढ़ने का पेड़ा भी बहुत तंग है ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर बड़े बुजुर्ग ही सरकारी दवाखाने में दवाई लेने आते थे अब उनको दूसरी मंजिल पर चढ़ना बहुत ही असंभव है इसलिए मरीज भी वहां पर बंद हो गए हैं पहले दिन में लगभग  30 मरीज आते थे जो अब आधे से भी कम हो गए हैं वहां पड़ोसियों का कहना है कि कुछ मरीज तो यहां  नीचे आकर आवाज लगाते हैं तब ऊपर से स्टाफ आकर दवाई देते हैं अगर मरीज वहां जाता है तो उन पेड़ों पर चढ़कर और अधिक बीमार हो सकता है इसलिए लोग अब वहां सरकारी दवा खाने में जाने से भी कतराने लगे हैं

ग्रामीण सुनील तंवर ठेकेदार ने बताया कि पहली बात तो हमारा गांव बहुत बड़ा गांव है इसके साथ-साथ महेंद्रगढ़ जिले से लगभग इसकी दूरी भी 20 किलोमीटर पड़ती है। जिससे की अगर कोई भी आदमी बीमार होता है तो उसको ले जाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। सरकार ने लगभग डेढ़ साल पहले इसका कार्य शुरू किया था लेकिन अभी ना के बराबर है। उन्होंने कहा कि अगर जल्दी ही इसका कार्य शुरू नहीं किया गया तो इसके लिए हमारा गांव एकत्रित होकर  इस मामले के सीएम साहब के संज्ञान में लाएंगे ओर इसमे सम्मिलित सभी अधिकारी व ठेकेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करेंगे। 

ग्रामीण सूबेदार रमेश जोशी ने कहा कि गांव की आयुर्वैदिक डिस्पेंसरी शुरू से ही विवादों के घेरे में रही है। पहले तो बिना नीव व हल्की सामग्री प्रयोग की गई, फिर हमने इसको बंद करने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई। उसके बाद ग्रांट बढ़वाने के लिए गुहार लगाई ग्रांट बढ़ाने के बाद फिर  से दोबारा शुरू करवाने के लिए विभाग के पीछे-पीछे घूमते रहे और अब फिर से कम बंद हो गया।अब पैसे खत्म हो गए हम विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों से निवेदन कर रहे हैं कि इसका काम शुरू करवाया जाए।

एक्सईएन ने बताया कि बसई आयुर्वेदिक औषधालय का कार्य अभी बंद है क्योंकि जो पैसा ऊपर से पास होकर आया था वह लगा दिया गया है अब हमारे पास इसका ओर पैसा नहीं है। हमने ऊपर पैसे बढ़ाने का एस्टीमेट भेजा हुआ है जैसे ही ऊपर से और पैसा आएगा तो उसका कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।