रविवार, 30 अगस्त 2026

ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल में राष्ट्रीय खेल दिवस पर बच्चों ने दिखाया दमखम फुटबॉल, खो-खो, दौड़, रस्साकसी, लंबी व ऊंची कूद प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा


 आकोदा-खरकड़ा स्थित ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल में महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय खेल दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार ने रिबन काटकर खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने फुटबॉल, खो-खो, 100 मीटर दौड़, 200 मीटर दौड़, रस्साकसी, लंबी कूद और ऊंची कूद सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

सीईओ राकेश कुमार ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और संघर्ष करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ किसी न किसी खेल में नियमित रूप से भाग लेने का आह्वान किया।

समापन अवसर पर प्राचार्य रामनिवास ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना और स्वस्थ जीवनशैली के लिए जागरूक करना है। खेल व्यक्तित्व के समग्र विकास में सहायक हैं।

इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय की छात्रा अंजलि, पुत्री संदीप कुमार, कक्षा आठवीं की उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि छात्रा ने सीटीएसई में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया स्तर पर तीसरा रैंक हासिल कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सीईओ राकेश कुमार व प्राचार्य रामनिवास ने अंजलि को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जेजेपी नेताओं ने योगी के पिता के निधन पर जताया शोक


 

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

भूटान में ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल के खिलाड़ियों का जलवा, तीन गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते एशियाई कराटे चैंपियनशिप में पांच खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश व क्षेत्र का मान; महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन से निकला भव्य सम्मान जुलूस, गांव-गांव हुई पुष्पवर्षा

 


भूटान में आयोजित 12वीं एशियाई कराटे चैंपियनशिप में खरकड़ा-आकोदा स्थित ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर क्षेत्र के नाम एक नई उपलब्धि दर्ज कराई। 22 और 23 अगस्त को आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में विद्यालय के पांच खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया। 27 अगस्त को विजेता खिलाड़ी महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे तो विद्यालय प्रबंधन, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया।

खिलाड़ियों की उपलब्धि का जश्न सम्मान जुलूस के रूप में नजर आया। महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन से डीजे के साथ विजेता खिलाड़ियों का काफिला रवाना हुआ। जुलूस विभिन्न गांवों से गुजरते हुए बाबा जयरामदास धाम, बाबा साहब धाम और पुराना बस अड्डा क्षेत्र से होकर विद्यालय पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने खिलाड़ियों और उनके कोच नीरज का फूल-मालाओं तथा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। सम्मान जुलूस के दौरान पूरे क्षेत्र में खिलाड़ियों की उपलब्धि को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

विद्यालय पहुंचने पर ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल के चेयरमैन भगवान दास अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सुरेश कुमार, एमडी राजेश झा, सीईओ राकेश कुमार, प्राचार्य रामनिवास तथा समस्त स्टाफ ने विजेता खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।

विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार ने खिलाड़ियों और कोच नीरज को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करता रहा है। भूटान में मिली यह सफलता उसी निरंतर प्रयास और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए विद्यालय स्तर पर उन्हें बेहतर अवसर और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

प्राचार्य रामनिवास ने बताया कि भूटान में आयोजित 12वीं एशियाई कराटे चैंपियनशिप में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। ऐसे बड़े मंच पर भारत और हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए महेंद्रगढ़ जिले के ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल के खिलाड़ियों ने तीन गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर न केवल जिले, बल्कि प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की उपलब्धि बताया।

अक्टूबर में फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगे दम

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले ये पांच खिलाड़ी आगामी अक्टूबर माह में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में भी भाग लेंगे। विद्यालय के चेयरमैन भगवान दास अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सुरेश कुमार, एमडी राजेश झा, सीईओ राकेश कुमार, प्राचार्य रामनिवास और स्टाफ सदस्यों ने खिलाड़ियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सम्मान समारोह और जुलूस में आकोदा के सरपंच प्रतिनिधि लाल सिंह, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह सहित क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति, विभिन्न स्कूलों के अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। क्षेत्रवासियों ने खिलाड़ियों की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। पूरे सम्मान समारोह के दौरान विजेता खिलाड़ियों की उपलब्धि को लेकर उत्साह और गर्व का माहौल बना रहा।

बुधवार, 26 अगस्त 2026

आकोदा में आस्था और सेवा का संगम, दो स्थानों पर विशाल भंडारों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा साध धाम में पूर्व सैनिक विजय ने कराया भंडारा, राव सही राम फिलिंग स्टेशन के उद्घाटन पर भी हुआ प्रसाद वितरण


 

गांव आकोदा और आसपास के क्षेत्र में धार्मिक आस्था एवं सेवा भावना का माहौल बना हुआ है। मंगलवार को गांव में दो अलग-अलग स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और राहगीरों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। दिनभर दोनों स्थानों पर लोगों की आवाजाही बनी रही और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।

क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा साध धाम पर आकोदा की ढाणी निवासी एवं पूर्व सैनिक विजय की ओर से श्रद्धा भाव के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में आकोदा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। धाम पर हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा साध के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया तथा प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में ग्रामीणों और युवाओं ने भी सेवा कार्यों में सहयोग किया।

वहीं, आकोदा बस स्टैंड से कनीना की ओर नव स्थापित राव सही राम फिलिंग स्टेशन के उद्घाटन अवसर पर भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। प्रतिष्ठान की नई शुरुआत पर ग्रामीणों, परिचितों और राहगीरों ने पहुंचकर संचालकों को शुभकामनाएं दीं तथा प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर सुदेश यादव ने बताया कि मंगलवार को नए प्रतिष्ठान का उद्घाटन किया गया। नई शुरुआत की खुशी को क्षेत्र के लोगों के साथ साझा करने और धार्मिक आस्था के तहत बाबा का प्रसाद वितरित करने के उद्देश्य से भंडारे का आयोजन किया गया। उन्होंने क्षेत्रवासियों के सहयोग और आशीर्वाद के लिए आभार जताया।

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रहे धार्मिक आयोजन केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को भी मजबूत कर रहे हैं। मंगलवार को आयोजित दोनों भंडारों में लोगों की भारी भागीदारी रही और पूरे क्षेत्र में दिनभर श्रद्धा एवं उत्साह का माहौल बना रहा।

सोमवार, 24 अगस्त 2026

बाबा जयराम दास की 17वीं ध्वजा यात्रा महेंद्र गर्भसे पाली धाम पहुंची


 

किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना जरूरी, समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की अपील फसल बिक्री, सब्सिडी, खाद-बीज और मुआवजा सहित कृषि योजनाओं का लाभ लेने में होगी सहूलियत

आकोदा क्षेत्र के किसानों से फार्मर आईडी जल्द से जल्द बनवाने की अपील की गई है। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि किसान अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपनी फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भविष्य में कृषि से संबंधित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कृषि प्रवेक्षक रविंदर ने बताया कि फार्मर आईडी किसानों की पहचान और कृषि संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से किसान की कृषि भूमि, फसल और अन्य संबंधित जानकारी को सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ा जा सकेगा। भविष्य में विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ लेने के लिए यह आईडी उपयोगी होगी।

उन्होंने बताया कि फार्मर आईडी नहीं होने की स्थिति में किसानों को फसल मंडी में बेचने, सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने, खाद एवं बीज की सुविधाएं लेने तथा फसल खराब होने पर मिलने वाले मुआवजे सहित अन्य योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए किसानों से समय रहते आईडी बनवाने का आग्रह किया गया है।

वहीं, जिन किसानों की फार्मर आईडी पहले से बन चुकी है, उनकी आईडी का सत्यापन भी लगभग पूरा किया जा चुका है। ऐसे किसान अपनी आईडी की स्थिति की जांच कर लें और किसी प्रकार की त्रुटि होने पर समय रहते उसका समाधान कराएं। किसानों से अपील की गई है कि वे अंतिम दिनों का इंतजार न करें और आज ही फार्मर आईडी बनवाकर संभावित परेशानी से बचें।

अकोदा में बाबा साध धाम पर निकली पहली ध्वज यात्रा


 

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

बाबा साध धाम पर भंडारा में कीर्तन 24 को


 

आकोदा में मकान की फर्श की टाइलें अचानक चटखकर टूटने लगीं, मचा हड़कंप - सुबह करीब 7 बजे एक के बाद एक टूटने लगीं टाइलें, परिवार ने डायल 112 को दी सूचना; कारण स्पष्ट नहीं


 

गांव आकोदा में शुक्रवार सुबह एक मकान में उस समय हड़कंप मच गया, जब फर्श की टाइलें अचानक चट-चट की आवाज के साथ अपने आप टूटने लगीं। एक के बाद एक टाइलें टूटने से परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया, लेकिन टाइलों के अचानक टूटने का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका।


जानकारी के अनुसार आकोदा निवासी रामचरण यादव, जो मध्यप्रदेश पुलिस में अधिकारी रह चुके हैं, ने करीब पांच वर्ष पहले सरकारी स्कूल के सामने अपना मकान बनाया था। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे परिवार के लोगों ने मकान में फर्श की टाइलें चट-चट की आवाज के साथ टूटने की आवाज सुनी। जब उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो फर्श की काफी टाइलें अपने आप टूट रही थीं। अचानक टाइलें टूटने से परिवार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।



रामचरण यादव ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारी जेई नरेंद्र को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं बिजली के फॉल्ट के कारण तो यह घटना नहीं हुई।

जय नरेंद्र ने मौके का निरीक्षण करने के बाद बताया कि उन्हें प्रथम दृष्टया बिजली से संबंधित कोई फॉल्ट नजर नहीं आ रहा है। पुलिस अपनी कार्रवाई पूरी करने के बाद मौके से रवाना हो गई। समाचार लिखे जाने तक फर्श की टाइलें अचानक टूटने का सही कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। घटना के कारण मकान में रहने वाले परिवार के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

बुधवार, 19 अगस्त 2026

पांच दिन से पोस्ट ऑफिस के चक्कर, बायोमेट्रिक मशीन नहीं चली तो पेंशन को तरसे बुजुर्ग खुडाना-गढ़ी के 1000 से अधिक पेंशनधारी परेशान, 80 वर्षीय महिला पांचवीं बार पहुंची तो चक्कर खाकर गिरी; सरपंच बोले- बुजुर्गों को पीठ पर लादकर लाना पड़ रहा, वैकल्पिक व्यवस्था हो


 

गांव खुडाना स्थित पोस्ट ऑफिस में बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग पेंशन लेने वाले बुजुर्गों एवं जरूरतमंद लोगों को पिछले चार-पांच दिनों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बायोमेट्रिक मशीन नहीं चलने और नेटवर्क व सर्वर की समस्या के चलते पेंशन लेने पहुंच रहे लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी करीब 50 बुजुर्ग एवं पेंशनधारी सुबह से पोस्ट ऑफिस में मशीन चलने का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर करीब 3 बजे तक मशीन नहीं चल पाई।

जानकारी के अनुसार खुडाना पोस्ट ऑफिस में खुडाना और गढ़ी खुडाना के 1000 से अधिक बुजुर्ग, विधवा एवं दिव्यांग पेंशनधारी पेंशन लेने पहुंचते हैं। पिछले कई दिनों से बुजुर्ग सुबह करीब 9 बजे ही पोस्ट ऑफिस पहुंचना शुरू हो जाते हैं। घंटों इंतजार के बाद भी तकनीकी समस्या दूर नहीं होने पर उन्हें बिना पेंशन लिए वापस लौटना पड़ता है। कई बुजुर्ग लाठी के सहारे तो कई अपने बेटों और परिजनों के सहारे पोस्ट ऑफिस पहुंच रहे हैं।

पांच दिन से लगा रहे चक्कर

पेंशन लेने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले पांच दिनों से लगातार पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं। यहां पहुंचने पर कभी नेटवर्क तो कभी सर्वर की समस्या बताकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि उम्रदराज होने के कारण 6-7 किलोमीटर दूर से बार-बार पोस्ट ऑफिस तक आना उनके लिए बेहद मुश्किल है। इसके बावजूद उन्हें पेंशन के लिए कई दिनों से परेशान होना पड़ रहा है।

90 साल तक के बुजुर्ग भी परेशान

गढ़ी गांव के सरपंच कर्मवीर ने बताया कि उनके गांव के 400 से अधिक पेंशनधारी खुडाना पोस्ट ऑफिस से पेंशन लेते हैं। उन्होंने कहा कि एक बार की पेंशन लेने के लिए बुजुर्गों को चार-पांच बार तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बुजुर्ग करीब 90 वर्ष की उम्र के हैं। उन्हें कभी पीठ पर लादकर तो कभी वाहन में किराया देकर पोस्ट ऑफिस तक लाना पड़ता है, लेकिन यहां आने के बाद भी पेंशन नहीं मिलती।

सरपंच ने बताया कि शुक्रवार को गढ़ी निवासी ओमली पत्नी दयाचंद, जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है, पांचवीं बार पेंशन लेने पोस्ट ऑफिस पहुंची थीं। काफी देर इंतजार करने के दौरान वह चक्कर खाकर गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के साथ इस तरह की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

कर्मवीर ने कहा कि यदि सरकार गांव में पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा सकती तो कम से कम ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि बुजुर्गों को एक बार पोस्ट ऑफिस आने पर पेंशन अवश्य मिल जाए। उन्होंने बताया कि पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित कर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा, जिसमें गढ़ी गांव के पेंशनधारियों को पेंशन लेने के लिए दूसरे गांव में न जाना पड़े, इसके लिए व्यवस्था करने की मांग की जाएगी।

पूर्व बीडीसी सदस्य ने जताया रोष

मौके पर मौजूद पूर्व बीडीसी सदस्य संतरा देवी ने कहा कि बुजुर्गों को पांच-पांच दिन तक पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगवाना उनके साथ मजाक है। सरकार और संबंधित विभाग को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि तकनीकी खराबी के कारण बुजुर्गों को परेशान न होना पड़े। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर पेंशन का भुगतान करवाया जाना चाहिए।

7-8 किलोमीटर दूर से पहुंचते हैं पेंशनधारी

ग्रामीणों ने बताया कि खुडाना क्षेत्र काफी बड़े दायरे में फैला हुआ है और कई ढाणियां व आबादी पोस्ट ऑफिस से 7-8 किलोमीटर तक दूर हैं। ऐसे में दूर-दराज से बुजुर्गों का लगातार कई दिनों तक पोस्ट ऑफिस आना उनके लिए शारीरिक और आर्थिक परेशानी का कारण बन रहा है।

शिवकुमार ठेकेदार, महा सिंह नंबरदार, मुन्नी देवी, शांति देवी, राजू सिंह, बंसी प्रजापत, राजेंद्र सिंह, शीला देवी, संतोष देवी और रामनिवास सहित ग्रामीणों ने सरकार एवं विभाग से समस्या का जल्द समाधान करवाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बायोमेट्रिक मशीन या सर्वर में तकनीकी खराबी है तो समस्या ठीक होने तक वैकल्पिक अथवा मैनुअल व्यवस्था के माध्यम से पेंशन भुगतान किया जाना चाहिए।

पोस्टमास्टर बोले- हम भी परेशान, विभाग ही कर सकता है समाधान

इस संबंध में पोस्ट ऑफिस में मौजूद पोस्टमास्टर हरपाल ने बताया कि वे भी इस समस्या के कारण परेशान हैं। बुजुर्ग रोजाना पेंशन लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन मशीन नहीं चलने के कारण उन्हें पेंशन नहीं दी जा पा रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दोपहर करीब 3 बजे तक केवल एक व्यक्ति को ही पेंशन दी जा सकी। पोस्टमास्टर ने कहा कि मशीन और सर्वर चलना उनके हाथ में नहीं है। जैसे ही तकनीकी समस्या ठीक होगी, पेंशन का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समस्या का समाधान संबंधित विभाग द्वारा ही किया जा सकता है।

बाबा साध सेवा शिविर में हुई बैठक


 

सोमवार, 17 अगस्त 2026

गांव खुडाना में शहीद ईश्वर सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण


 

ज्ञानकोश ए ग्लोबल स्कूल में मनाया सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ स्वतंत्रता दिवस


 

शहिद आनंद कुमार की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर


 

कुश्ती प्रतियोगिता में मेजर प्रदीप प्रथम