गुरुवार, 2 जुलाई 2026

बसई के केतन तंवर ने इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, दिल्ली व हरियाणा का बढ़ाया मान -मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दिखाया दम, लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर बने युवाओं के प्रेरणास्रोत


जिले के गांव बसई के होनहार खिलाड़ी केतन तंवर ने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर दिल्ली के साथ-साथ अपने पैतृक गांव बसई और हरियाणा का नाम भी गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा खेल प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 जून 2026 को मुंबई (महाराष्ट्र) के अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में केतन तंवर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में देश-विदेश के खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले के बावजूद उन्होंने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक हासिल किया।

केतन तंवर के पिता एवं दिल्ली भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष संजय तंवर ने बताया कि केतन लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहा है। इससे पहले भी उसने इंडो-नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप में चार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। वहीं वर्ष 2025 में आयोजित प्रतियोगिता में उसने सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया था। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने केतन को उभरते हुए ताइक्वांडो खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।

केतन की इस उपलब्धि पर दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, पूर्व विधायक एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद (भारत) इकाई के डायरेक्टर कमांडो सुरेंद्र सिंह मुंडका, पूर्व विधायक सुखबीर सिंह तथा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सी.एल. मीणा ने मोबाइल फोन के माध्यम से केतन तंवर और उनके कोच सोनू कश्यप को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केतन ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत का तिरंगा बुलंद करने की शुभकामनाएं दीं।

गांव बसई सहित पूरे महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोगों ने केतन की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। खेलों के प्रति उनका समर्पण और अनुशासन यह साबित करता है कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत मिले तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार की 'खेलो इंडिया' जैसी योजनाओं से देश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिला है। केतन तंवर की सफलता भी इसी सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

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