शनिवार, 20 जनवरी 2024

ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल में भगवान राम की मूर्ति स्थापना दिवस को लेकर कार्यक्रम का किया गया आयोजन

महेंद्रगढ़

आकोदा स्थित ज्ञानकोश-ए ग्लोबल स्कूल में शनिवार को राम मंदिर के अभिषेक समारोह की खुशी में भगवान राम के जीवन व चरित्र से संबंधित ओतप्रोत कथा व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सीईओ राकेश कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 

उन्होंने बताया कि लगभग 500 वर्षों बाद इस ऐतिहासिक जीव व वास्तविक स्थल अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति स्थापना दिवस को लेकर हर हिन्दू उत्सूक व गौरान्वित महसूस कर रहा है। राकेश कुमार ने बताया कि भगवान राम बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। हमें भगवान राम के आदर्शो को जीवन में अपनाना चाहिए। उनके द्वारा त्याग व तपस्या से प्रेरित होकर हम अपने जीवन को और खुशहाल बना सकते है। 

विद्यालय के प्राचार्य रामनिवास यादव ने भगवान राम के आदर्श व चरित्र से शिक्षा लेकर व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी व बताया कि बुरे कार्य का अन्त सदा बुरा ही रहता है। इसलिए हमें सदा सदमार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने सभी बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम पर बधाई देते हुए पुरूषों में उत्तम पुरूषोतम राम के जीवन से सीखने प्ररेणा दी। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

शुक्रवार, 19 जनवरी 2024

इलाके में आस्था व श्रद्धा का प्रतीक है आकोदा स्थित बाबा साध धाम

 


गांव आकोदा में बाबा साध धाम पर मकर संक्रांति 14 जनवरी 2024 पर विशाल मेले का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बाबा के दरबार में अपनी हाजरी लगाई व मन्नत मांगी। मेले में बाबा साध कमेटी द्वारा पकौड़े का प्रसाद व मीठे चावल का प्रसाद ग्रामीणों को दिया गया। कार्यक्रम में इलाके के प्रसिद्ध गायक कलाकारों द्वारा दिनभर बाबा की महिमा का गुणगान किया गया। मेले में महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की इसके साथ-साथ बच्चों ने झूले का आनंद भी लिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के युवा नेता एवं विधायक राव दान सिंह के पुत्र अक्षत राव पहुंचे। उन्होंने मंदिर कमेटी को 11 हजार का आर्थिक सहयोग दिया।

बता दे कि खंड के गांव आकोदा स्थित बाबा साध धाम इलाके में आस्था व श्रद्धा का प्रतीक है। जिससे आस-पास के दर्जनों भर गांवों के लोगों की आस्था जूड़ी हुई है। क्षेत्र के गांव खुडाना, गढ़ी, ढाणी मालियान, बास खुडाना, आदलपुर व भूरजट स्थित अन्य गांवाें में जब भी नई गाय या भैस आती है तो उसका प्रथम दूध व दही का भोग बाबा को लगाया जाता है। लोगों के अनुसार जो दूध वाला मवेशी दूध नही देता हो तो बाबा की प्रसाद बोलते ही दूध दे देता है। बाबा के धाम पर शुक्ल पक्ष की हर द्वादशी के दिन बाबा का मेला लगता है जिसमें भक्तों द्वारा हर व्यक्ति को मीठे चावल का प्रसाद दिया जाता है तथा हर घर में खीर चूरमा का भोग लगाया जाता है। इस दिन हजारों लोग बाबा के धाम पर आकर रोग शोक से मुक्ति पाकर मन वांछित फल प्राप्त करते है।मंदिर कमेटी सदस्यों ने बताया कि बाबा के धाम पर साल मंे तीन बार विशाल मेले व भंडारे का आयोजन किया जाता है। वर्ष का पहला मेला मकर संक्रांति को लगाया जाता है। दूसरा मेला श्रावण माह की द्वादशी के दिन लगता है व तीसरा मेला 16 दिसम्बर को बाबा की मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में लगाया जाता है।


क्षेत्र के बुजुर्ग लोगों के अनुसार विक्रमी सम्वत 1584 फाल्गुन शुक्ला एकादशी को सन 1528 को एक हरिदास नाम का एक साधु गांव के जाेहड़ की पाल पर आकर रहने लगा था। जिसने द्वादशी के दिन एक शमी वृक्ष की सूखी छड़ी लगाकर जोहड़ के पास अपनी धूनी रमा ली थी। जिसके चंद दिनों बाद में ही वह सूखी टहनी हरी भरी होकर लहलहाने लगी। जब इस विषय में गांव के लोगों को पता चला तो क्षेत्र के लोग साधु हरिदास को बाबा साध कहकर उनका सम्मान करने लगे। बाबा हरिदासजी ने अपने पूर्वजों के नक्शे कदम पर चलते हुए एक गाय रखी जिसका नाम गौरी था। रामायण में महर्षि वशिष्ठ के पास कामधेनू थी उसकी बेटी सुरभी हुई तथा उसकी बेटी नन्दनी थी। उसके बाद का प्रमाण प्राप्त नही होता तथा उसी परम्परा को आगे बढाते हुए उन्होनें अपनी गाय को गौरी नामक संज्ञा दी। बाबा हरिदास के दो शिष्य हुए जिनमें एक का नाम तुलसीदास था दूसरे का नाम मोहनदास था। दोनो ही अपने गुरू की तरह उच्च कोटि के सिद्ध संत थे।




लोगों के अनुसार एक बार एक अपंग आदमी घिसटता हुआ बाबा के दर पर आया। उसकी बाबा पर अपार श्रद्धा थी बाबा ने प्रसन्न होकर अपनी योग शक्ति से अपना एक पैर अपने भक्त को भेंट स्वरूप दे दिया और स्वयं लंगड़ा साध की उपाधि प्राप्त की। दोनों साधुओं की समाधि आज भी सरोवर की पाल पर विराजमान है। जो भवन निर्माण के समय करीब तीन-चार फुट नीचे विराजमान थी। उसके बाद से लगातार हर महीने की शुक्ल पक्ष की द्वादशी को बाबा के धाम पर मेला लगता है और साल में एक बार मकर सक्रान्ति के दिन महा मेला लगता है। 

बाबा जयरामदास धाम पर 22 जनवरी को कार्यक्रम का आयोजन कर धूमधाम से मनाया जाएगा भगवान राम का मूर्ति स्थापना दिवस



बाबा जयराम दास धाम पाली पर 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति स्थापना दिवस पर पाली के बाबा धाम पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस विषय में जानकारी देते हुए मंदिर कमेटी के प्रधान भंवर सिंह, गांव के सरपंच देशराज फौजी, कमेटी संरक्षक कंवर सिंह एवं संजय अग्रवाल ने बताया कि 22 जनवरी को सुबह बाबा धाम पर 8:00 बजे सुंदरकांड का शुभारंभ किया जाएगा। उसके बाद 9:15 बजे सती माता के मंदिर से 1100  ध्वजा बाबा के धाम के लिए रवाना होंगी यह सभी ध्वजाएं पुरे गांव के बीच से गुजर कर बाबा धाम तक पहुंचेंगी। उसके पश्चात 12:00 भजन कीर्तन व श्री राम की महिमा का गुणगान किया जाएगा जो कि बाबा की इच्छा तक चलता रहेगा। 


इस कार्यक्रम में विकास जांगडॉ एंड पार्टी द्वारा बाबा की महिमा का गुणगान किया जाएगा। जिसमें पिंकी चावला, सनी चावला व संदीप निराला अपने भजनों के माध्यम से बाबा की महिमा का गुणगान करेंगे। उसके बाद शाम को बाबा की आरती होगी। आरती के बाद लगभग 51 हजार दीपक बाबा के धाम पर जलाए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने सभी से आग्रह किया गया है कि हर घर से कम से कम 11 दीपक लाकर बाबा के धाम पर जलाए ओर उस दिन दिवाली जैसा माहौल बनाए। उन्होंने बताया कि जो लोग आसपास के अयोध्या नहीं जा सकते वे सभी लोग 22 जनवरी को बाबा जयराम दास के धाम पाली पर आकर अयोध्या जैसा नजारा देख सकते हैं और दिवाली जैसा त्यौहार महसूस करके आनंद उठा सकते हैं। इसलिए कमेटी व ग्राम पंचायत पाली ने गांव के साथ-साथ आसपास के सभी ग्रामीणों व बाबा के भक्तों से निवेदन किया है कि उस दिन अधिक से अधिक लोग अपने-अपने घर से कम से कम 11 दीपक लाकर बाबा धाम पर जलाएं वह कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं तथा भगवान राम का महिमा का आनंद ले।

जाट में मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 427वीं पुण्यतिथि

उपमंडल के गांव गांव जाट में शुक्रवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 427वीं पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गएऔर युवाओं को महाराणा प्रताप के राष्ट्र और धर्म के प्रति निष्ठा और समर्पण के बारे में बताया गया। राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह तंवर ने बताया कि महाराणा प्रताप महान विभूति थे।


 उनके जीवन और कार्यों से हमें ऊर्जा मिलती है। उन्होंने महाराणा प्रताप की तरह स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने और एकाग्रता से लक्ष्य प्राप्ति पर बल देते हुए युवाओं को सदैव देश की एकता और अखंडता के लिए कार्य करने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर रुद्रपाल सिंह तंवर, राजपा के जिला उपाध्यक्ष रविंद्र तंवर झगडोली, राहुल यादव, मोनू खुडाना, अरविंद शेखावत, हैप्पी सिंह, रणधीर सिंह आदि अनेक युवा उपस्थित रहे।

रविवार, 14 जनवरी 2024

रामभक्तों ने बास खुडॉना में अक्षत वितरित कर ग्रामीणों को भगवान राम की मूर्ति स्थापना पर अयोध्या में पहुंचने का दिया निमंत्रण

 रामभक्तों ने बास खुडॉना में अक्षत वितरित कर ग्रामीणों को भगवान राम की मूर्ति स्थापना पर अयोध्या में पहुंचने का दिया निमंत


गाँव बास में राम भक्तों ने 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में मुर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए लोगों को निमंत्रण दिया।इस दौरान राम भक्तों ने अक्षत वितरित कर लोगों को 22 जनवरी को अपने अपने घरों में कम से कम घी के  पांच दीपक जलाने, दिन में भजन कीर्तन व अयोध्या में भगवान राम के मंदिर को प्राण प्रतिष्ठा के बाद एक बार देखकर आने का अनुरोध किया। राम भक्तों ने कार्यक्रम की शुरूआत सुबह 10 बजे शिव मंदिर से करके सबसे पहले गांव के शहीद श्रीभगवान के घर जाकर उनकी माता जी को अक्षत दिए तत्पश्चात पूरे गांव में अक्षत वितरित किये गए । कार्यक्रम में समस्त रामभक्त उपस्थित रहे।