खुडाना स्थित बाबा जयरामदास गौशाला समिति में रविवार रात्रि करीब 9 बजे आए भयंकर तूफान और तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई। अचानक आए इस प्राकृतिक आपदा ने गौशाला के ढांचे को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया, जिससे गौसेवा कार्य प्रभावित हो गया। गौशाला समिति के अनुसार इस हादसे में करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार, तेज आंधी-तूफान के चलते गौशाला के दक्षिण दिशा की ओर बने टीन शेड (साइज 22×100) पूरी तरह उखड़कर बाहर जा गिरा। इसके अलावा गौशाला में बने चारा गोदामों की टीन की चादरें भी तेज हवाओं के कारण उड़ गईं, जिससे अंदर रखा सामान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही मिनटों में गौशाला का बड़ा हिस्सा अस्त-व्यस्त हो गया।
गौशाला के प्रधान लीलू सिंह ने बताया कि तूफान के दौरान गौशाला में मौजूद पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के प्रयास किए गए, जिससे किसी भी पशु की जान का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, गौशाला के ढांचे और संसाधनों को भारी क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई करना समिति के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
उन्होंने बताया कि गौशाला पूरी तरह से दान और सहयोग पर निर्भर है, ऐसे में अचानक हुए इस बड़े नुकसान से संचालन पर संकट खड़ा हो गया है। समिति ने राज्य सरकार, संबंधित विभागों एवं हरियाणा गौ सेवा आयोग से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि गौशाला को दोबारा व्यवस्थित किया जा सके और गौसेवा कार्य सुचारु रूप से जारी रह सके।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से जल्द राहत प्रदान करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सेवा केंद्र है, जहां बेसहारा एवं बीमार गायों की देखभाल की जाती है, इसलिए इसका जल्द पुनर्निर्माण आवश्यक है।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें