हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में गांव आकोदा स्थित बीएसओ वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यालय के छात्र रूपेंद्र कुमार पुत्र हरीश कुमार ने 500 में से 495 अंक प्राप्त कर जिले में द्वितीय स्थान हासिल किया है। छात्र की इस उपलब्धि से विद्यालय, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बना हुआ है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार रूपेंद्र ने गणित और सामाजिक विज्ञान विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। इसके अलावा विद्यालय की छात्रा रक्षित्ता पुत्री कुलदीप ने 96 प्रतिशत, छात्रा पलक पुत्री विजेंद्र ने 95.8 प्रतिशत, छात्रा राधिका पुत्री सतीश कुमार ने 95 प्रतिशत, छात्रा तानिया पुत्री पवन यादव ने 94.8 प्रतिशत, छात्रा भवानी पुत्री जयवीर सिंह ने 94.4 प्रतिशत तथा छात्रा रिया पुत्री अशोक कुमार ने 93.1 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा।
विद्यालय के चेयरमैन पवन तंवर ने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण का ही परिणाम है कि विद्यालय लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक शिक्षा और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जाता है ताकि वे भविष्य में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकें।
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आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहता है रूपेंद्र
भास्कर संवाददाता से बातचीत में रूपेंद्र ने बताया कि उसकी सफलता के पीछे नियमित पढ़ाई, अनुशासन और परिवार का सहयोग सबसे बड़ी ताकत रही। उसने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और विद्यालय के शिक्षकों को दिया। रूपेंद्र ने कहा कि शिक्षक हमेशा उसे बेहतर करने के लिए प्रेरित करते रहे, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। छात्र ने बताया कि उसका सपना आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनने का है ताकि वह समाज और देश की सेवा कर सके।
रूपेंद्र ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना बेहद जरूरी है। यदि विद्यार्थी नियमित मेहनत और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करें तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उसने अन्य विद्यार्थियों को भी मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी।
परिवार बोला- बेटे की मेहनत रंग लाई
रूपेंद्र के पिता हरीश कुमार ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और मेहनती रहा है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि रूपेंद्र देर रात तक पढ़ाई करता था और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर समर्पित रहता था। उसके पिता हरीश कुमार ने कहा कि बेटे की इस उपलब्धि से पूरे परिवार को गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि रूपेंद्र ने कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर यह सफलता हासिल की है। परिवार ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का भी आभार जताया, जिन्होंने समय-समय पर छात्र का मार्गदर्शन किया।






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