महेंद्रगढ़
ज्ञानकोश – ए ग्लोबल स्कूल के लिए यह अत्यंत गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि विद्यालय के योग शिक्षक कृष्ण कुमार को 12वें दीक्षांत समारोह में विज्ञान निष्णात योग परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष का वातावरण है और इसे शिक्षा तथा योग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
दीक्षांत समारोह एक गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षा और न्याय क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ के निदेशक प्रोफेसर राजीव आहूजा, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू तथा हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। इन सभी की उपस्थिति में कृष्ण कुमार को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
कृष्ण कुमार की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है बल्कि ज्ञानकोश – ए ग्लोबल स्कूल के पूरे परिवार के लिए गौरव का विषय है। विद्यालय के ट्रस्टी भगवान दास अग्रवाल और ट्रस्टी सुरेश अग्रवाल ने कृष्ण कुमार को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम और योग शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक किसी भी शैक्षणिक संस्था की वास्तविक ताकत होते हैं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
विशेष बात यह भी है कि कृष्ण कुमार बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान से प्रमाणित योग चिकित्सक भी हैं। योग और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका अनुभव और विशेषज्ञता विद्यार्थियों को शारीरिक तथा मानसिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार की योग शिक्षा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होती है।
इसी क्रम में विद्यालय की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। कक्षा दसवीं की छात्रा अरुणा द्वारा तैयार किया गया “गैस रिसाव पहचान यंत्र” मॉडल प्रेरणा-मानक कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित किया गया है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा राष्ट्रीय नवाचार प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस उपलब्धि के लिए छात्रा को दस हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है।
विद्यालय के निदेशक राजेश कुमार झा ने इस अवसर पर कहा कि ज्ञानकोश – ए ग्लोबल स्कूल का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां पूरे विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणादायक होती हैं और भविष्य में और बेहतर करने का उत्साह प्रदान करती हैं।
विद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय सीमित प्रवेश सीटों की नीति के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक विद्यार्थी को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों से ज्ञानकोश – ए ग्लोबल स्कूल भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहेगा।



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