सोमवार, 30 मार्च 2026

बांस खुडाना में जंगली जानवर का आतंक, एक ही रात में 13 भेड़ों का शिकार


 जिले के अंतिम गांव बांस खुडाना में जंगली जानवर के हमले से दहशत फैल गई, जहां एक ही रात में 13 भेड़ों को मौत के घाट उतार दिया गया। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि सक्रिय हुए और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दादरी सीमा से सटे छोटे से गांव बांस खुडाना में अधिकांश लोग खेती-बाड़ी और पशुपालन पर निर्भर हैं। गांव के पशुपालक पुरुषोत्तम पुत्र ओमपाल सिंह रोज की तरह अपनी भेड़-बकरियों को चराकर रात करीब 11 बजे घर लौटे और सो गए।

सुबह करीब 5 बजे जब वह पशुओं को देखने पहुंचे तो बाड़ टूटी हुई मिली और अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। मौके पर 12 भेड़ के बच्चे और एक बड़ी भेड़ मृत पाई गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल थीं। मृत भेड़ों की हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया—किसी का मुंह गायब था, किसी के कान नोचे गए थे और कई के शरीर पर गहरे जख्म थे।


ग्रामीणों के अनुसार हमला देर रात करीब 3 बजे के आसपास हुआ। आशंका जताई जा रही है कि यह किसी जंगली जानवर का हमला है। सूचना मिलते ही डायल 112 पर कॉल की गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए आकोदा पशु चिकित्सालय के डॉक्टर वेद सांगवान टीम सहित मौके पर पहुंचे और मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। वहीं वन्य प्राणी विभाग की टीम रवि शर्मा के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक जांच में इसे जंगली जानवर का हमला माना गया है, हालांकि कोई स्पष्ट निशान नहीं मिल पाए हैं।

इस दौरान महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह के सुपुत्र राहुल ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया। राहुल ने आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने के साथ-साथ निजी स्तर पर भी आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं ब्लॉक समिति वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि रणधीर सिंह आदलपुर भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए प्रशासन से तुरंत राहत दिलाने की मांग की। रणधीर सिंह ने कहा कि क्षेत्र में जंगली जानवरों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की।

मौके पर सरपंच रतन सिंह, बाबूलाल, राजेंद्र सिंह, सूबेदार बलु सिंह, पूर्व सैनिक जय भगवान, मनोज सिंह, मुकेश सिंह, महेंद्र सिंह, भाजपा नेता सुखवीर सिंह, ओमप्रकाश नंबरदार, धर्मवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, कैप्टन योगेंद्र सिंह, नारायण सिंह, सोमबीर सिंह, पूर्व पंच संदीप, लादू सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित पशुपालक को जल्द उचित मुआवजा दिया जाए और गांव में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें