गांव बसई के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मलेरिया रोकथाम को लेकर जागरूकता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पाली से पहुंचे डॉक्टर पंकज शर्मा ने विद्यार्थियों व स्टाफ को मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. पंकज शर्मा ने बताया कि यदि समय रहते मलेरिया की जांच कराकर उपचार नहीं लिया जाए तो यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है। एमपीएचडब्ल्यू (मेल) द्वारा बुखार से ग्रस्त मरीजों के रक्त की स्लाइड बनाकर लैब में जांच के लिए भेजी जाती है और पॉजिटिव पाए जाने पर घर-घर जाकर इलाज किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में पिछले दो-तीन वर्षों से मलेरिया का कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है, जो जागरूकता का सकारात्मक परिणाम है।
हेल्थ इंस्पेक्टर दिलबाग शर्मा ने बच्चों को मच्छर के जीवन चक्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मलेरिया एनाफिलीज मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ खड़े पानी में पनपता है और लगभग दो सप्ताह में पूर्ण विकसित हो जाता है। इसके काटने पर बुखार, उल्टी, पसीना और घबराहट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल, समस्त स्टाफ, आशा वर्कर, एएनएम, डॉ. प्रीतम सहित विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों को सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने का संदेश दिया गया। पानी की टंकियों, गमलों, छत पर रखे बर्तनों, कूलरों व अन्य स्थानों पर जमा पानी को खाली कर साफ रखने की अपील की गई, ताकि मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सके। साथ ही जहां पानी जमा हो, वहां मिट्टी या काला तेल डालने जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी गई।

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