रेवाड़ी
रेवाड़ी में साइबर ठगों ने रिटायर्ड HCS अधिकारी को निशाना बनाकर 9.46 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इससे पहले इस मामले में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, ठगी का शिकार बने अधिकारी की पहचान डॉ. जे.के. आभीर के रूप में हुई है। साइबर ठगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर स्टॉक मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
ऐसे दिया ठगी को अंजाम
साइबर ठगों ने पहले व्हाट्सएप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क साधा।
स्टॉक मार्केट में निवेश का लालच
फर्जी ऐप और लिंक के जरिए विश्वास कायम
मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर रकम बढ़वाना
बाद में संपर्क तोड़कर फरार
इस पूरे खेल में अधिकारी से चरणबद्ध तरीके से 9.46 करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए।
बिहार-बंगाल से जुड़े तार
जांच के दौरान पुलिस को ठगी की रकम के लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर बिहार और पश्चिम बंगाल में दबिश दी गई। वहां से तीन और साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी एक संगठित साइबर गिरोह का हिस्सा हैं, जो देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर लोगों को ठग रहा था।
अब तक 9 गिरफ्तार, जांच जारी
रेवाड़ी पुलिस इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खातों की डिटेल और डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं। ठगी की रकम की रिकवरी के प्रयास जारी हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें