महेन्द्र गढ़
हरियाणा में अपात्र BPL कार्ड धारकों की छंटनी तेज कर दी गई है, नागरिक संसाधन सूचना विभाग ने डिजिटल जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब ऑनलाइन रजिस्ट्री, बैंक लोन और आयकर रिटर्न का डेटा भी शामिल कर लिया है, इससे बीपीएल कार्ड का वेरिफिकेशन पूरी तरह से स्वचालित हो जाएगा,
ऑनलाइन रजिस्ट्री होते ही कटेगा नाम
यदि कोई कार्ड धारक शहर में 100 गज या गांव में 200 गज से अधिक का प्लॉट या मकान खरीदता है, तो ऑनलाइन रजिस्ट्री के साथ ही उसकी जानकारी विभाग के पास पहुंच जाएगी और उसका नाम बीपीएल सूची से हटा दिया जाएगा, इसके अलावा लगातार 6 महीने तक राशन न लेने पर भी कार्ड रद्द कर दिया जाएगा,
इन कारणों से होगी कार्रवाई
विभाग विभिन्न डिजिटल डाटा के आधार पर अपात्र कार्ड धारकों को सूची से बाहर कर रहा है, इसमें तय सीमा से अधिक प्लॉट या मकान खरीदना, परिवार के किसी सदस्य द्वारा आयकर रिटर्न भरना, आय सीमा से ज्यादा लोन लेना, साल में 24 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल आना, सरकारी पोर्टल पर 3.60 लाख रुपये से ज्यादा की फसल बेचना, परिवार के नाम फोर व्हीलर होना और 6 महीने तक राशन न लेना शामिल है,
महंगे स्कूलों में पढ़ाने वालों की भी जांच
विभागीय अधिकारियों के अनुसार शिक्षा विभाग से डाटा लेकर आगे महंगे प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले BPL कार्ड धारकों की भी जांच की जाएगी, अपात्र पाए जाने पर उनका नाम बीपीएल सूची से हटा दिया जाएगा।

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