महेंद्रगढ़
हरियाणा सरकार द्वारा श्रम कल्याण बोर्ड का ऑनलाइन पोर्टल लंबे समय से बंद रहने के कारण प्रदेश के पात्र श्रमिकों में भारी रोष व्याप्त है। इसी को लेकर भवन निर्माण श्रमिक संघ हरियाणा (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में श्रमिकों की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए पोर्टल को शीघ्र खोलने की मांग की गई है।
संघ के जिला अध्यक्ष संजय बिधानी ने बताया कि श्रम विभाग का पोर्टल बंद हुए लगभग आठ महीने बीत चुके हैं। इस कारण श्रमिकों के सभी प्रकार के लाभ पूरी तरह से रुके हुए हैं। विशेष रूप से श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा से संबंधित सहायता की समय-सीमा समाप्त होने की कगार पर है, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक व सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में सरकार द्वारा करवाई गई जांच पर भी सवाल उठाए गए हैं। संघ का आरोप है कि जांच सही माध्यम से नहीं करवाई गई और इसमें मनमर्जी से निष्कर्ष निकाले गए। जिन लोगों को जांच का पर्याप्त अनुभव नहीं था, उनसे जांच करवाई गई, जिसके कारण कई वास्तविक पात्र श्रमिकों को गलत ठहराया गया, जबकि कुछ अपात्र लोगों को सही बता दिया गया।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो वह वर्ष 2020 के बाद हुई है। 2020 से पहले के सभी पंजीकृत श्रमिक पूरी तरह सही हैं। इसके बाद जब पंजीकरण प्रक्रिया सीएससी केंद्रों के माध्यम से शुरू हुई, तभी गड़बड़ियां बढ़ीं। इसलिए मांग की गई है कि 2020 के बाद के पंजीकरणों की ही निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
वर्कशॉप के नाम पर दिखाए जा रहे फर्जीवाड़े पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया कि वर्कशॉप की व्यवस्था स्वयं विभागीय अधिकारियों की स्वीकृति से हुई थी। यदि इसमें कोई घोटाला है तो उसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की बनती है, न कि श्रमिकों की। संघ ने मांग की है कि 2020 से पहले के सभी पंजीकरण तत्काल खोले जाएं, पोर्टल चालू किया जाए और 2020 के बाद के मामलों की जांच कर पात्र व अपात्र को अलग किया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि श्रमिकों को न्याय मिल सके।

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