महेंद्रगढ़
बाबा जयरामदास धाम पर लगने वाले वार्षिक मेले के अवसर पर आयोजित खेल महाकुंभ ने एक बार फिर क्षेत्र में खेल और अनुशासन की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया है। बाबा जयरामदास की महिमा और उनसे जुड़ी सामाजिक व सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप धाम परिसर में लगातार खेल गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। मंगलवार को जहां बाबा जयरामदास धाम पर क्रिकेट महाकुंभ का समापन हुआ, वहीं बुधवार को आयोजित महिला नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता ने खेल प्रेमियों को रोमांच से भर दिया। पूरे दिन चले मुकाबलों में खिलाड़ियों का उत्साह और दर्शकों की मौजूदगी उल्लेखनीय रही।
महिला नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आई कुल 16 टीमों ने भाग लिया। सभी टीमों ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को बेहद रोचक बना दिया। लीग मुकाबलों से लेकर सेमीफाइनल और फाइनल तक हर मैच में कड़ा संघर्ष देखने को मिला। खिलाड़ियों ने शानदार रेड, मजबूत डिफेंस और टीमवर्क के जरिए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि फाइनल मुकाबला संस्कार भारती महिला कॉलेज की टीम बी और टीम सी के बीच खेला गया। एक ही संस्था की दो टीमों का फाइनल में पहुंचना संस्थान की खेल तैयारियों और प्रशिक्षण व्यवस्था को दर्शाता है। फाइनल मुकाबला अंतिम क्षणों तक रोमांचक बना रहा, जिसमें दोनों टीमों की खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। अंततः टीम बी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि टीम सी उपविजेता रही।
इस अवसर पर संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप यादव ने कहा कि बाबा जयरामदास धाम से जुड़ी खेल परंपराएं युवाओं को अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी बाबा जयरामदास से जुड़े आयोजनों के दौरान संस्कार भारती महिला कॉलेज की टीमों ने पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया था और इस वर्ष भी वही सफलता दोहराई गई है। लगातार मिल रही यह सफलता संस्था के लिए गर्व का विषय है।
संदीप यादव ने कहा कि बाबा जयरामदास धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि सामाजिक और खेल गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। यहां आयोजित प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देती हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है। उन्होंने सभी कोचों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी तथा खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रतियोगिता के दौरान बाबा जयरामदास की महिमा और उनसे जुड़ी परंपराओं का भी उल्लेख किया गया। आयोजकों ने कहा कि बाबा जयरामदास धाम पर वर्षों से समाजहित, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता रहा है। खेल महाकुंभ के माध्यम से युवा वर्ग को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे खेलों के माध्यम से अनुशासन और टीम भावना सीख सकें।
महिला खिलाड़ियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बाबा जयरामदास धाम पर खेलना उनके लिए प्रेरणादायक रहा। दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और हर अच्छे दांव-पेंच पर तालियों की गूंज सुनाई दी।


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