नांगल चौधरी/महेंद्रगढ़।
नांगल चौधरी के बहुचर्चित लॉजिस्टिक हब भूमि विवाद में अब सियासी हलचल और तेज़ हो गई है। इस मामले में आरोपों के छींटे अब महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।
एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में नांगल चौधरी की विधायक श्रीमती मंजू चौधरी ने महेंद्रगढ़ विधायक का नाम लेते हुए कहा कि लॉजिस्टिक हब से जुड़ी जमीन राहुल पुत्र कुंवर सिंह के नाम पर बेहद सस्ते दामों पर खरीदी गई। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
सस्ते दामों पर जमीन खरीद पर उठे सवाल
मंजू चौधरी के बयान के बाद यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि
क्या लॉजिस्टिक हब की योजना की जानकारी पहले से कुछ खास लोगों को थी?
क्या इसी जानकारी का लाभ उठाकर जमीन की खरीद-फरोख्त की गई?
हालांकि विधायक मंजू चौधरी ने यह भी कहा कि इस मामले की सच्चाई आने वाला समय बताएगा, लेकिन उनके बयान ने पूरे प्रकरण को एक नई दिशा दे दी है।
प्रधान जी कटघरे में
इस बयान के बाद प्रधान जी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि जमीन सौदे पूरी तरह नियमों के तहत हुए हैं, तो इस पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब इस मामले में चुप्पी साधना भी संदेह को और गहरा कर सकती है।
जवाब का इंतज़ार
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव या प्रधान जी इस पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष रखेंगे?
या फिर यह विवाद भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
जनता की निगाहें
लॉजिस्टिक हब को क्षेत्र के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में यदि विकास परियोजना की आड़ में जमीन घोटाले के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर मामला होगा।
फिलहाल जनता की निगाहें संबंधित जनप्रतिनिधियों के जवाब पर टिकी हैं। क्योंकि लोकतंत्र में आरोप लगना नहीं, आरोपों पर जवाब देना ज़रूरी होता है।

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